ग्रामीण क्षेत्रों को रोडवेज बस सेवा से जोड़ने की योजना के अंतर्गत लखनऊ से सटे जिलों के गांवों तक 24 साधारण बसें चलाने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। ये बसें रायबरेली, बाराबंकी व उन्नाव के गांवों के लिए चलाई जाएंगी। इसी महीने से यह सुविधा मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की ओर से ऐसे गांवों की सूची तैयार करवाई गई, जहां रोडवेज बस सेवाएं यात्रियों को नहीं मिल पा रही हैं। इसमें लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, प्रतापगढ़, वाराणसी सहित प्रदेशभर के जिलों के गांवों को शामिल किया गया। असेवित गांवों तक बस चलाने का खाका तैयार हुआ है और क्रमबद्ध ढंग से बसों के संचालन को अनुमति दी जानी शुरू कर दी गई है।
ये भी पढ़ें - लखनऊ बन रहा तस्करी के सोने की सबसे बड़ी मंडी, रोजाना हो रही 15 करोड़ की खपत
ये भी पढ़ें - संघ व विहिप ने संभाली प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की कमान, पूरे देश को राममय करने की तैयारी
लखनऊ से जुड़े करीब 900 गांव हैं। इन सभी गांवों तक बसों की सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य है। इसी के अंतर्गत परिवहन निगम प्रशासन ने 24 बसों को लखनऊ के बस बेड़े में शामिल करने की अनुमति दी है। इन बसों के संचालन से रोजाना तीन से चार हजार यात्रियों को राहत होने की उम्मीद जताई जा रही है। ये बसें रोजाना चार चक्कर लगाकर यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने का काम करेंगी।
रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि नई बसों का संचालन इसी महीने से शुरू हो जाएगा। इसके लिए रूट चार्ट, समय सारिणी, चालक-परिचालक की बसों में ड्यूटी लगाने का काम किया जा रहा है। इससे असेवित गांवों के बीच बसों का बेहतर संचालन हो सकेगा।