बुलंदशहर में हुई हिंसा की शुरुआती जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अफसरों की लेट लतीफी से हिंसा को नहीं रोका जा सका। अफसर अगर मौके की नजाकत को भांपते हुए आला अफसर समय से मौके पर पहुंचते तो स्थिति संभल सकती थी।
रिपोर्ट के मुताबिक घटना सुबह 9.30 बजे की थी और पुलिस अधिकारियों ने मौकेपर पहुंचने में पांच से छह घंटे लगा दिए। वहीं संप्रदायिक हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों का प्रतिकार जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा न किया जाता तो स्थिति और भयावह होती।
सूत्रों के मुताबिक जिस वक्त बवाल चल रहा था उस समय सैकड़ों काल यूपी 100 को की गई। समय से फोर्स भी मौके पर नहीं पहुंच सकी जिसकी वजह से स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। रिपोर्ट के अनुसार एक ओर विशेष समुदाय के लाखों लोगों का मजमा था और दूसरी ओर हाइवे पर गोकशी को लेकर हंगामा।
इन दोनों चीजों को एक दूसरे से जोड़ने की काफी कोशिश की गई। अगर साजिश कामयाब होती तो न सिर्फ बुलंदशहर बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति बेकाबू हो सकती थी। बुलंदशहर से जांच कर लौटे इंटेलीजेंस के एडीजी एसबी शिरडकर ने भी कुछ इसी तरह की साजिश का इशारा अपनी रिपोर्ट में किया है।
सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इस घटना को साजिश का हिस्सा बताते हुए विस्तृत जांच की जरूरत बताई है। एडीजी ने बृहस्पतिवार की सुबह अपनी रिपोर्ट डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को सौंप दी है। एडीजी ने अपनी रिपोर्ट स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अफसरों एसडीएम, तहसीलदार और सीओ के बयान के आधार पर तैयार की है।
रिपोर्ट के अनुसार गोकशी की सूचना पुलिस को सुबह साढ़े नौ बजे मिल गई थी। मौके पर पहले प्रभारी निरीक्षक को और फिर सीओ व एसडीएम को भेजा गया। इंस्पेक्टर ने पहले रास्ते में ही गोमांस से लदी ट्रक्टर ट्राली को रोकने की कोशिश की लेकिन फोर्स की कमी की वजह से वह कामयाब नहीं हुए। आक्रोशित भीड़ ने गोमांस से लदी ट्रक्टर ट्राली को हाइवे पर लाकर जाम लगा दिया।
इस दौरान सुबोध कुमार ने सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। आक्रोशित लोग गोकशी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त रासुका व गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस व प्रशासन ने उनकी बात मान भी ली। लेकिन कुछ युवक एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद हटने की जिद पर अड़ गए।
इसी दौरान ट्राली में लदा गोमांस छोड़कर ड्राइवर ट्रक्टर लेकर चला गया। इसे देख कर प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। हाइवे से ट्रक्टर ट्राली हटाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के लोग सामने आए और उन्होंने हाथ से ट्रक्टर ट्राली का अगला हिस्सा उठाकर हाइवे से दूर करने की कोशिश की, इसी दौरान उपद्रवियों ने जमकर पथराव कर दिया और स्थिति बिगड़ गई। जिसके बाद तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई।