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Build 2026 Lucknow: मनोज कुमार सिंह बोले- बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे करीब 1000 करोड़ रुपये

Fri, 09 Oct 2026 05:23 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में मनोज कुमार सिंह ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने 2030 तक एयर कार्गो क्षमता 10 मिलियन टन करने, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने और उद्योगों को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

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Build 2026 Lucknow - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने, एयर कार्गो की क्षमता बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्रों में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। Build 2026 Lucknow में मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बेहतर लॉजिस्टिक्स और मजबूत बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और प्रदेश में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

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ट्रांसशिपमेंट हब बनाने के लिए एयरपोर्ट पर बढ़ानी होंगी सुविधाएं

मनोज कुमार सिंह ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब बनाने के लिए एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग की दक्षता बढ़ानी होगी और प्रक्रियाओं को सरल करना होगा। मौजूदा व्यवस्था में दूसरे देशों से आने वाले सामान को किसी तीसरे देश में भेजने से पहले दोबारा जांच और पैकेजिंग जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इससे समय और लागत बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा जांच के बाद बांडेड क्षेत्र में रखे गए सामान को निर्धारित नियमों के तहत दोबारा खोलने और जांचने की जरूरत कम की जा सके, तो ट्रांसशिपमेंट की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इसके लिए नीतिगत बदलावों के साथ एयरपोर्ट की कार्यक्षमता में सुधार जरूरी है।

2030 तक एयर कार्गो क्षमता 10 मिलियन टन करने का लक्ष्य

मनोज कुमार सिंह ने बताया कि भारत के प्रमुख एयरपोर्टों से होने वाले कुल एयर कार्गो को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने 2030 तक देश की एयर कार्गो क्षमता को बढ़ाकर 10 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उनके मुताबिक, हांगकांग जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा करने के लिए कार्गो हैंडलिंग क्षमता और परिचालन दक्षता में सुधार करना होगा।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में केवल सामान का भंडारण ही नहीं, बल्कि ट्रांसशिपमेंट और तेज वितरण की सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं। इससे उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

 

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औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होगी मजबूत

मनोज कुमार सिंह ने औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को औद्योगिक भूखंड लेने से पहले संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए पावर रिलायबिलिटी इंडेक्स या स्कोरकार्ड तैयार करने की जरूरत है, ताकि निवेशक विभिन्न क्षेत्रों की तुलना कर सकें।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई पुराने और नए औद्योगिक क्षेत्रों में डबल फीडर और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर काम हुआ है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अब भी आपूर्ति संबंधी समस्याएं हैं।

बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1000 करोड़ रुपये के काम

मनोज कुमार सिंह के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। इनमें 220 केवी और 33 केवी के बिजली ढांचे को मजबूत करने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। इसके लिए अटल मिशन और यूपीसीडा के बजट समेत विभिन्न स्रोतों से संसाधन जुटाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि अन्य पर काम जारी है। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के दौरान बिजली की जरूरतों का आकलन पहले ही किया जा रहा है, क्योंकि विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में समय लगता है।

उन्होंने कहा कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, बेहतर एयर कार्गो सुविधाएं और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन क्षेत्रों में सुधार से प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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