आगामी वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए नगर निगम ने 135310.79 लाख रुपये के आय व्यय का बजट तैयार किया है।
यह बजट वैसे तो चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट 112647.84 से अधिक है लेकिन चालू वित्तीय वर्ष के ही पुनरीक्षित बजट से कम है।
बीते माह नगर निगम ने आय-व्यय का आकलन करने के बाद मूल बजट के प्रावधान को बढ़ाकर 150466.84 लाख रुपये कर दिया था। इस तरह आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पुनरीक्षित बजट से कम हो गया है।
नई सड़क बनाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 1000 लाख रुपये का प्रावधान किया था लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इसे आधा कर 500 लाख रुपये कर दिया गया है।
जबकि चालू वित्तीय पुनरीक्षित बजट में बढ़ोतरी कर 1500 लाख रुपये किया गया था। वहीं दूसरी ओर नए बजट में सड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण मद में चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 1000 लाख रुपये की बढ़ोतरी कर 6000 लाख रुपये कर दिया है लेकिन पुनरीक्षित बजट से यह कम है।
पुनरीक्षित में इस मद में 7500 लाख रुपये का प्राविधान किया गया था। आगामी वित्तीय वर्ष के इस बजट की मंजूरी के लिए 11 फरवरी नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक होगी।
लोकसभा चुनाव को देखते हुए निगम प्रशासन आचार संहिता लागू होने से पहले बजट को पास करना चाहता है। कार्यकारिणी से मंजूरी के बाद बजट को सदन में मंजूरी केलिए पेश किया जाएगा।
किस पर कितना होगा खर्च
नालों की सफाई पर 350 लाख रुपये खर्च का प्राविधान किया गया है। स्टाफ कार व कचरा निस्तरण की गाड़ियों के लिए आगामी बजट में इसे 2500 लाख रुपये कर दिया गया है।
संविदा व ठेका पर सफाई के लिए चालू वित्तीय वर्ष की तरह ही आगामी वित्तीय वर्ष में भी इस मद में 1500 लाख रुपये खर्च का प्राविधान किया गया है।
मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर 2550 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में 1000 लाख रुपये का प्राविधान किया गया।
आगामी वित्तीय वर्ष में इसे कम करके 500 लाख रुपये कर दिया गया है। सड़कों की मरम्मत व सुधार कार्य के लिए 6000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में 5000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था। दिसंबर तक इस मद में 2854.75 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
आगामी वित्तीय वर्ष में नगर निगम अपने स्कूलों व डिग्री कॉलेज के संचालन पर 835 लाख रुपए खर्च करेगा।
जलकल ने बनाया घाटे का बजट
जलकल विभाग ने 1065.85 लाख रुपये घाटे का बजट तैयार किया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जलकल विभाग पेयजल की जो आपूर्ति करता है उस पर अधिक पैसा खर्च होता है और आमदनी कम होती है।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर जलकल विभाग ने 17508.49 लाख रुपये खर्च का प्रावधान बजट में किया है जबकि आय मद में 16442.64 लाख रुपये का प्राविधान किया है।
जलकल विभाग का यह बजट भी नगर निगम बजट के साथ ही मंजूरी केलिए कार्यकारिणी बैठक में पेश होगा।