कस्टम्स सरलीकरण से लागत में कमी
क्रस्ट और फिनिश्ड लेदर पर ड्यूटी खत्म करने की उम्मीद पूरी नहीं हुई, हालांकि दरों में कुछ कमी की गई है। कस्टम एक्ट के सरलीकरण से अब निर्यात के लिए पैक माल नहीं खोला जाएगा। एआई स्कैनर से जांच होगी। फैक्टरी-सील कंटेनर सीधे पोर्ट तक जाएंगे, जिससे करीब तीन दिन की बचत और ट्रांजेक्शन लागत में कमी आएगी। कोरियर में अनलिमिटेड वैल्यू की छूट से निर्यात ऑर्डर में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना है।
नियमों में अहम बदलाव
- ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट में निर्यात की समय सीमा 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल
- फुटवियर अपर आयात को मंजूरी
- एफडीआई संशोधन से अगले वर्षों में 20 फीसदी ग्रोथ का अनुमान