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बीटेक और आईटीआई पास छात्रों का कारनामा, इस ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी को लगाया 20 करोड़ का चूना

Mon, 14 Oct 2019 04:39 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : Amar Ujala
बीटेक और आईटीआई पास जालसाजों ने तीन साल में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन को 20 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। साइबर सेल की टीम ने शनिवार देर रात जयपुर निवासी सोहित सोनी और राहुल सिंह राठौर को दबोच लिया। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, जालसाज ऑनलाइन असली वे-प्रोटीन मंगाकर ऑर्डर निरस्त कर देते थे। इसके बाद नकली सामान भरकर ऑर्डर लौटा देते थे। अमेजन कंपनी के अधिकारियों ने जांच में मामला पकड़ में आने के बाद गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शातिरों के पास से भारी मात्रा में नकली वे-प्रोटीन पाउडर व कई मोबाइल व सिम बरामद किए हैं। मालूम हो कि साइबर सेल की टीम ने तीसरी बार अमेजन कंपनी के साथ हुए जालसाजी का पर्दाफाश किया है।
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पुलिस की गिरफ्त में राहुल व सोहित - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, जालसाज अमेजन से ऑनलाइन आईसोप्योर कंपनी के मंहगे वे-प्रोटीन ऑर्डर करते थे। डिलीवरी के बाद ऑर्डर कैंसल कर देते थे। इसके बाद आईसोप्योर प्रोटीन निकालकर डब्बे में घटिया क्वालिटी का प्रोटीन भरकर और अमेजन का फर्जी स्टीकर लगाकर लौटा देते थे। इसके बाद आईसोप्योर प्रोटीन जिम सेंटरों में जाकर सस्ते दाम पर बेच देते थे। साइबर सेल के नोडल अधिकारी व सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, जालसाज सोहित सोनी जयपुर के नॉर्थपार्ट श्रीरामनगर विस्तार कालबाड़ा रोड झोटवाड़ा का रहने वाला है। उसने जयपुर से बीटेक किया है। वहीं, राहुल सिंह राठौर जगदीशपुरी कॉलोनी पहला बालाजी धर्मकांटा सीकर रोड जयपुर का रहने वाला है। उसने आईटीआई की पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान दोनों ने जिम जॉइन किया था और अमेजन से वे-प्रोटीन मंगाना शुरू किया। दोनों मॉडलिंग भी करते थे। उन्होंने  प्रोडक्ट वापस किया जो बिना तहकीकात के हो गया। इसके बाद उन्होंने ठगी शुरू कर दी।
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राहुल - फोटो : अमर उजाला
जालसाजों ने कहा कि वापस ही नहीं होता प्रोडक्ट
गिरफ्त में आए जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि वे जिम ट्रेनर हैं। कुछ साल पहले अमेजन से प्रोटीन पाउडर मंगवाते थे। कई बार असली डब्बे में नकली पाउडर भेजा गया। जिसे लौटा दिया था। जिन सामानों की बरामदगी दिखाकर उसे जालसाज बताया जा रहा है। उसकी कंपनी ने 2018 में वापसी बंद कर दी है। वहीं, कंपनी के शशांक सिंह के मुताबिक, कंपनी आज भी उक्त सामानों की वापसी ले रही है।

अमेजन से ही मंगाते थे अमेजन का स्टीकर
आईसोप्योर वे-प्रोटीन के 11 डब्बे, गोल्ड स्टैंडर्ड प्रोटीन के नौ पैकेट, 29 सिमकार्ड, 7 मोबाइल, अमेजन के स्टीकर और स्मार्ट वॉच बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, स्टीकर भी जालसाज अमेजन से ही मंगाते थे, जिसे कंपनी खुद बेचती है।

 

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सोहित - फोटो : अमर उजाला
यूपी सहित सात राज्यों में फैला है जाल
क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, जालसाजों ने 2017 में गोरखधंधा शुरू किया। इनका नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश सहित कई प्रदेश में है। अमेजन कंपनी के इन्वेस्टिगेशन मैनेजर जय सोनी व शशांक सिंह के मुताबिक, दोनों ने राजस्थान व दिल्ली सहित कई राज्यों में घूमकर तीन साल में कंपनी को करीब 20 करोड़ का चूना लगाया है। वर्तमान में जिन चार सिम का इस्तेमाल सोहित सोनी कर रहा था। उसकी डिटेल निकलवाने पर पता चला कि दो करोड़ रुपये का चूना लगाया है। अभी इस नंबर का पूरा डिटेल नहीं निकला है।
 
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जालसाजों से जब्त सामान - फोटो : अमर उजाला
सामान वापस करा वसूले थे रुपये
साइबर सेल के प्रभारी राहुल सिंह राठौर के मुताबिक, जालसाजों ने वे-प्रोटीन के अलावा कई व सामानों को लौटाकर करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। इसमें एपल की स्मार्ट घड़ियां, डिजिटल गिफ्टकार्ड और दूसरे महंगे सामान है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर कई सिम खरीद रखे थे। एक ही मोबाइल में चार सिम लगाकर रखते थे। संदेह होने पर एक ही मोबाइल बदलना पड़ा।

टीम ने किया खुलासा
साइबर सेल प्रभारी राहुल सिंह राठौर, एसआई गौतमपल्ली पवन कुमार गुप्ता, कांस्टेबल अखिलेश कुमार सिंह, शरीफ खान और अजय प्रताप सिंह।
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