बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
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बिहार में विधान सभा चुनाव के लिए बसपा ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) का साथ गठबंधन किया है। गठबंधन का जीतने की दशा में गठबंधन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा मुख्यमंत्री बनेंगे। कुशवाहा गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी की तरफ से कहा गया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में खाली हुई विधानसभा की सभी सीटों पर पूरी दमदारी के साथ अकेले अपने बलबूते पर उपचुनाव लडे़गी। बाकी राज्यों में होने वाले उपचुनावों में बीएसपी उम्मीदवार नहीं उतारेगी। ऐसे राज्यों में के लोग किसी भी सही आजाद उम्मीदवार को अपना वोट दे सकांगा. पार्टी की तरफ से बयान जारी किया गया है कि बिहार में पार्टी के लोग अपने गठबंधन के उम्मीदवार को ही वोट देंगे।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे लेकर जारी बयान में कहा है कि बसपा ने यह गठबंधन ऐसी पार्टी के साथ करने का फैसला लिया है जिससे उपेक्षा, तिरस्कार व दुर्दशा के शिकार, खासकर दलितों, आदिवासियों, अति पिछडे़ वर्गों, अपर कास्ट समाज में से गरीबों आदि को हर स्तर पर न्याय व बराबरी का हक मिल सके। गठबंधन का उद्देश्य है कि इसके साथ ही बिहार के अति-गरीबों, मजदूरों, किसानों, छोटे व्यापारियों एवं अन्य मेहनतकश लोगों का भी भला हो सके।
उन्होंने कहा है कि सरकारों ने बिहार में लोगों के हितों का कोई विशेष ध्यान नहीं रखा है। ऐसे में बिहार की जनता को सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय से जुड़े परिवर्तन की सख्त जरूरत है। इसी के मद्देनजर बीएसपी ने यह गठबंधन किया है। बी.एस.पी. ने अपनी विचारधारा एवं मूवमेंट को खास ध्यान में रखते हुए ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के साथ गठबंधन कर वहां विधानसभा आमचुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिसकी आज हमारी पार्टी के बिहार प्रदेश के प्रभारी श्री रामजी गौतम की उपस्थिति में पटना में औपचारिक घोषणा भी हो चुकी है जिसको मेरा पूरा आर्शीवाद प्राप्त है और यदि इस नए बने गठबंधन को बिहार की जनता का भी पूरा आर्शीवाद प्राप्त हो जाता है तो फिर इस गठबंधन की ओर से श्री उपेंद्र कुशवाहा ही मुख्यमंत्री बनेंगे, जो इस गठबंधन का नेतृत्व भी कर रहे हैं। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की है कि वह इस गठबंधन को सेवा का एक मौका जरूर दें।