2017 के चुनाव की चिंता ही सही, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन से दूरी बनाकर चलने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती ने 27 अप्रैल को सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन के केंद्र में किसानों को रखने का फैसला किया है। भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद में लापरवाही आंदोलन के घोषित तीन मुद्दों में सबसे ऊपर हैं।
इसके बाद सूबे की बदहाल कानून-व्यवस्था व ठप विकास कार्य को रखा जाएगा। पार्टी दो मई को यूपी की ही तरह बाकी राज्यों में भी जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगी।
अंबेडकर जयंती पर सूबे भर से समर्थकों को बुलाकर अगले विधानसभा चुनाव में सपा सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करने के दूसरे ही दिन मायावती ने सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया।
बसपा अध्यक्ष ने वैसे तो कई चरणों में आंदोलन की रूपरेखा बनाई है लेकिन ऐलान सिर्फ पहले चरण का किया। बुधवार को बसपा के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में मायावती भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन पर जमकर बरसीं।
इन प्रमुख मुद्दों पर विरोध करेगी बसपा
मायावती ने केंद्र सरकार को पूरी तरह जनविरोधी व भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के प्रस्ताव को किसान विरोधी करार दिया।
कहा, पार्टी किसानों का हित दरकिनार कर कॉरपोरेट जगत व धन्नासेठों को ध्यान में रखकर बनाए जाने वाले कानून का समर्थन नहीं कर सकती।
उन्होंने, बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद में केंद्र व राज्य दोनों ही स्तर पर उदासीनता का आरोप लगाया।
बैंक व साहूकारों के कर्ज में डूबे किसानों का कर्ज माफ करने की मांग उठाई। मायावती ने कहा, सूबे में कानून-व्यवस्था बदहाल है और विकास कार्य ठप हैं। बसपा इन मुद्दों पर पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।
उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया। पार्टी दूसरे चरण के आंदोलन का ऐलान 20 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद सत्र में भूमि अधिग्रहण कानून पर केंद्र सरकार का रुख देखकर करेगी।
खुद के सड़कों पर उतरने पर दिया गोलमोल जवाब
मायावती ने राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की घोषणा के बाद प्रदेश के पदाधिकारियों व कोऑर्डिनेटरों के साथ बैठक की। इसमें आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति को अंतिम रूप दिया।
वह गुरुवार को यूपी के अलावा अन्य राज्यों के पदाधिकारियों व नेताओं के साथ बैठक करेंगी।
पहले चरण के आंदोलन में मायावती खुद सड़क पर उतरेंगी या नहीं, इस सवाल पर वह गोलमोल जवाब देती रहीं। कहा, अभी आंदोलन की तारीख में समय है। सही समय पर पता चल जाएगा।