बता दें कि बीते कुछ वर्षों में बसपा को परिवारवाद की वजह से खासा नुकसान सहना पड़ा है। अशोक सिद्धार्थ को गुटबाजी करने के आरोप में हटाया गया था। इससे मायावती के भाई आनंद कुमार को लेकर भी कई बार असमंजस की स्थिति रही, जिसकी वजह से उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता रहा। आकाश और अशोक को हटाने के दौरान मायावती ने कहा था कि आनंद कुमार ने मुझसे कहा है कि वह पार्टी हित में अपने बच्चों का रिश्ता गैर राजनीतिक परिवार से ही जोड़ेंगे। अशोक सिद्धार्थ की तरह अब आगे पार्टी को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो, इसका भरोसा आनंद ने दिलाया है। अशोक सिद्धार्थ का दबाव अपनी बेटी पर है। बेटी का दबाव आकाश पर है। आकाश के दबाव में आने से पार्टी को नुकसान हो सकता है।