दिल्ली चुनाव में करारी शिकस्त के बाद भी बसपा सुप्रीमो मायावती ने किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की है। नतीजे घोषित होने के बाद उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने 'हवा चले जिधर की, चलो तुम उधर की' के तर्ज पर वोट देकर भाजपा की सरकार बना दी। भाजपा के पक्ष में एकतरफा वोटिंग होने से बसपा सहित दूसरी पार्टियों को काफी नुकसान सहना पड़ा।इसका प्रमुख कारण अब तक दिल्ली में सत्ता में रही आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को दिए संदेश में कहा कि आंबेडकरवादियों को निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके राजनीतिक संघर्ष को जातिवादी पार्टियां आसानी से सफल नहीं होने देंगी। आगे बढ़ने का प्रयास पूरे तन, मन, धन से लगातार जारी रखना है तभी यूपी की तरह बसपा के मूवमेंट को सफलता मिलेगी और बहुत कुछ बदलेगा।
वहीं दूसरी ओर मिल्कीपुर चुनाव पर बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा द्वारा कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बाद इस सीट पर पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया था, इसके बावजूद सपा की इतनी शर्मनाक हार कैसे हुई? इस पर सपा के जवाब का लोगों को इंतजार है क्योंकि यूपी में पिछली बार हुए उपचुनाव में सपा ने अपनी पार्टी की हार की ठीकरा बसपा के ऊपर फोड़ने का राजनीतिक प्रयास किया था।