बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को दिल्ली में पार्टी इकाई की बैठक में कहा कि यूपी के साथ अगले वर्ष उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी जाए। बैठक में संगठन को जमीनी और आर्थिक तौर पर मजबूत करने के पिछले दिशा-निर्देशों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्होंने अच्छे कार्यों की सराहना की और असंतोषजनक प्रदर्शन पर कई स्तरों पर फेरबदल करने का निर्देश दिया।
बता दें कि दिल्ली आने के बाद मायावती ने बीती 23 अप्रैल को उत्तराखंड राज्य की समीक्षा बैठक की थी। उसमें पार्टी को आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने की हिदायत दी गई थी। ये चुनाव उत्तर प्रदेश और पंजाब के साथ होने वाले हैं। पार्टी को इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति बनाने को कहा गया था। मंगलवार को आयोजित बैठक में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को संगठन के बताए कार्यों में अपेक्षित सुधार लाकर मिशनरी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पूरी ताकत से जुटने को कहा। उन्होंने कहा कि जीने के लिए अति-जरूरी 'कानून द्वारा कानून का राज' केवल बसपा सरकार दे सकती है। इसमें ही सर्वसमाज का हित निहित है। यह संदेश हर घर में जितनी जल्दी पहुंचें, उतना ही बेहतर होगा।
दिल्ली की भाजपा सरकार से भी लोग परेशान
इस दौरान उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक हालात पर पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया जानने के बाद कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार जाने के बाद भाजपा की वर्तमान सरकार से भी लोग निराश हैं। भाजपा सरकार आमजन के हित और कल्याण की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है। ऐसे में बसपा उनके लिए नई उम्मीद की किरण बन सकती है। इसके लिए पूरी लगन और मेहनत से जनाधार बढ़ाने का कार्य करना होगा। दिल्ली में लोगों की अलग-अलग जरूरतें हैं। खासकर मेहनतकश समाज को कानून का राज चाहिए। भ्रष्टाचार-मुक्त एवं न्याय-युक्त शासन-प्रशासन की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार भी लोगों को यह सही से नहीं दे पा रही है।