यूपी में बसपा अध्यक्ष मायावती ने आगामी उपचुनाव में भाग लेने से मना कर दिया है, ऐसे में जहां भाजपा को वाकओवर मिला, वहीं सपा के सामने चुनौती बढ़ गई है।
मायावती ने लोकसभा की एक और विधानसभा की 12 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाग न लेने का फैसला किया है।
मायावती ने कहा है कि पार्टी 2017 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयारी कर रही है। हालांकि उन्होंने सूबे की सपा सरकार पर हमलावर होते हुए यह भी कहा कि प्रदश्ा सपा सरकार जल्द ही गिर जाएगी।
सपा पर लगाया आरोप
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर एक सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि सपा शासनकाल में जब-जब उपचुनाव हुए हैं, सरकारी मशीनरी का जबर्दस्त दुरुपयोग हुआ है।
मायावती का कहना है कि सपा शासन में हेराफेरी करके चुनाव को प्रभावित किया गया है। उपचुनावों में केंद्रीय सुरक्षा बलों का इस्तेमाल न होने की वजह से सपा शासनकाल में स्वतंत्र व निष्पक्ष उपचुनाव संभव नहीं है।
ऐसे में बीएसपी अपनी पूरी ताकत आगामी विधानसभा के आम चुनाव पर केंद्रित कर लगा रही है।
गौरतलब है कि प्रदेश में 2017 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, वहीं हाल ही में हुए आमचुनाव में बसपा को एक भी सीट नहीं मिली है, अतः पार्टी अपना पूरा ध्यान आने वाले विधानसभा चुनाव पर लगाना चाहती है।
'सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं'
बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश की सपा सरकार को एक साल के भीतर गिर जाने का भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत जिस तरह बदतर है, विकास व जनता की स्थिति दयनीय है, उससे साफ लगता है कि यह सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक साल में ही हो जाएगा।
उपचुनाव में भाजपा-सपा के बीच सीधी जंग के आसार मायावती के फैसले से भाजपा को एक तरह से वॉकओवर मिल गया है। साफ है प्रदेश के बदले सियासी समीकरणों के बीच होने वाले इन प्रतिष्ठापूर्ण उपचुनावों की जंग सूबे की सत्ता पर काबिज सपा और केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के बीच ही होगी।
बसपा के इस फैसले से लोकसभा के आमचुनाव और विधानसभा सीटों के उपचुनाव में तगड़ा झटका खाने वाली सपा की मुश्किलें और बढ़नी तय हैं।