दो साल पहले हुए विधान सभा चुनावों में बसपा की ताकत लगातार कम होती गई। लोक सभा चुनाव 2014 में अभी तक के परिणाम देख यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या पार्टी नेतृत्व ने उससे सबक लेते हुए सांगठनिक मजबूती पर ध्यान नहीं दिया?
अपनी मजबूती पर इतराना कहें या दूरदर्शिता का अभाव की लखनऊ में ही पार्टी प्रत्याशी नकुल दुबे चुनाव अभियान के दौरान थके-हारे नजर आए। इतना ही नहीं पूरे प्रचार अभियान में वह अकेल ही जूझते रहे।