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'अखिलेश 'मिनी नरेंद्र मोदी' उनमें व मोदी में कोई फर्क नहीं'

Fri, 14 Aug 2015 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा विधान मंडल दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य वे कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मिनी नरेंद्र मोदी बन गए हैं। उनमें और मोदी में कोई फर्क नहीं रह गया है।
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मोदी पूंजीपतियों को जमीन देने के लिए भूमि अधिग्रहण विधेयक लेकर आए थे और अखिलेश यादव भू-माफिया को दलितों की जमीन देने के लिए जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम में संशोधन ला रहे हैं। दलितों को जमीन बेचने का हक देने का बसपा विधानमंडल के दोनों सदनों में जोरदार विरोध करेगी।

स्वामी प्रसाद मौर्य और विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी बृहस्पतिवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने 14 अगस्त से प्रस्तावित विधानमंडल सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों की जानकारी दी। मौर्य ने कहा कि सपा सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति की जमीन भू-माफिया के हवाले करना चाहती है। इस मुद्दे का दोनों सदनों में कड़ा विरोध किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सपा सरकार सभी मोर्चों पर विफल है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, जंगलराज कायम हो गया है। गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली कटौती, प्राकृतिक आपदा राहत राशि में भ्रष्टाचार और भेदभाव आदि मुद्दों को लेकर सदन में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि 17 अगस्त को अनुपूरक बजट रखने का कोई औचित्य नहीं है। अनुपूरक बजट तब लाया जाता है जब काम चल रहे हों और धन की कमी आ गई हो। 2.74 लाख करोड़ के आम बजट में विभागवार धन आवंटन हुआ था। क्या यह धन खर्च हो चुका है?
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आवंटित धन का आधा की हो पाया खर्च

उन्होंने बताया कि वन विभाग ने आवंटित धन का मात्र आधा फीसदी खर्च किया है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में दो से तीन फीसदी बजट खर्च हुआ है। किसी भी विभाग में 10 फीसदी से ज्यादा बजट खर्च नहीं हो पाया है।

पाल को बर्खास्त करें
सिद्दीकी ने पत्रकारों को धमकी देने के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि पाल ने पहले भी बांदा में एक स्कूली छात्रा को गाली दी थी। इसकी सीडी उन्होंने विधान परिषद में सौंपी थी। यह मामला अभी सदन के विचाराधीन है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पाल को बर्खास्त करने की सिफारिश करने की मांग की।

लोकायुक्त का चयन प्रस्ताव असंवैधानिक
मौर्य ने कहा कि लोकायुक्त का चयन मुख्यमंत्री, नेता विरोधी दल और मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से होना चाहिए। कैबिनेट के जरिये लोकायुक्त की नियुक्ति का प्रस्ताव लाना असंवैधानिक और परंपरा के खिलाफ है।

यादव सिंह प्रकरण उठाने का औचित्य नहीं
मौर्य ने कहा कि यादव सिंह प्रकरण की सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। इसलिए इस मामले को सदन में उठाने का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है।
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