रायबरेली में लालगंज कोतवाली में पुलिस पिटाई से दलित युवक की मौत मामले में सियासत गरमा गई है। बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर एस एसटी प्रतिनिधिमंडल बसपा के अध्यक्ष गया चरण दिनकर की अगुवाई में लखनऊ मंडल के प्रभारी व एमएलसी भीमराव अंबेडकर सहित दर्जनों की संख्या में बसपा नेता लालगंज के लिए रवाना हुए, लेकिन बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित दखिना टोल प्लाजा पर सभी नेताओं को रोका गया।
सभी को हिरासत में लेकर बछरावां के डाक बंगले में भेजा गया। दलित मृतक युवक के घर ना जाने देने से नाराज नेताओं ने जमकर की नारेबाजी। सरकार व प्रशासन पर अत्याचार का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि लालगंज कोतवाली में बाइक चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए बैजू का पुरवा मजरे बेहटाकला निवासी मोहित उर्फ मोनू (21) की पुलिस अभिरक्षा में रविवार को मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर लालगंज में जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद एसपी स्वप्निल ममगाई ने कोतवाल हरिशंकर प्रजापति को निलंबित कर दिया था। इस घटना की गूंज शासन स्तर तक पहुंची तो एसपी ने दो और दरोगा जय प्रकाश यादव और अरविंद कुमार मौर्या को निलंबित कर दिया।