उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग व स्वेटर के लिए डीबीटी से 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। अब इस धनराशि के सदुपयोग पर जोर दिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के स्कूलों में जांच करेंगे।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक बिना ड्रेस व जूते-मोजे वाले बच्चों की सूची बनाएंगे। वे अभिभावकों के बैंक खाते में धनराशि आने की जांच करेंगे और समस्या दूर करेंगे। जिन अभिभावकों ने धन मिलने के बावजूद सामग्री नहीं खरीदी, उन्हें अभिभावक-शिक्षक संघ की बैठक में प्रेरित किया जाएगा।
धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा
अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि डीबीटी का पूरा लाभ छात्रों को मिले, इसके लिए अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय होगी। शत प्रतिशत धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।