निगोहां। पुरहिया गांव में शुक्रवार रात घर के बाहर बरामदे में सो रहे सुंदर लाल उर्फ मामा (48) की नृशंस हत्या कर दी गई। घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर खेत में खून से सना शव पड़ा मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घर के भीतर सीढि़यों और छत पर खून के निशान मिले हैं। इसलिए शक की सुई करीबियों की ओर भी घूम गई है।
फिलहाल पुलिस परिजनों से बातचीत कर जानकारी जुटा रही है। कुछ अहम सुराग मिले हैं। दावा है कि जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
मूलरूप से रायबरेली बछरावां थानाक्षेत्र के कलुईखेड़ा निवासी सुंदर लाल उर्फ मामा (45) पुरहिया गांव निवासी अपने बहनोई राजाराम उर्फ अनिरुद्ध के घर पर 20 वर्षों से रह रहे थे।
वह थोड़ा मानसिक रूप से कमजोर थे। पुलिस के मुताबिक, सुंदर लाल शुक्रवार रात घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। अन्य लोग छत पर थे।
उनकी बहन का कहना है कि रात करीब एक बजे कुछ खटपट की आवाज सुनी तो वह नीचे आईं। देखा कि दरवाजा खुला था और बाहर बरामदे पर बिस्तर खाली पड़ा है। सुंदर गायब है।
खून से सनी ईंट बिस्तर पर पड़ी है। तब उनकी खोजबीन शुरू हुई। घर से कुछ दूरी पर सुंदर का शव पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि चेहरे व सिर पर भारी हथियार से तब तक वार किए गए जब तक सुंदर की मौत नहीं हो गई।
खून के निशान से मिला सुराग
जब पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि जिस पटरे से सुंदर को मारा गया वह घर के भीतर ही दीवार के सहारे रखा है, जिसको कब्जे में ले लिया। सीढि़यों व छत पर खून के निशान मिले। फोरेंसिक टीम ने नमूने जांच के लिए इकट्ठा कर लिए।
शुरुआती जांच में सामने आया कि वह खून कुछ घंटे पहले का ही था। ऐसे में आशंका है कि वारदात अंजाम देने के बाद शव दूर फेंका गया और जिसने हत्या की वह आलाकत्ल लेकर घर की छत तक गया। फिर रख दिया। इसलिए खून की बूंदें वहां पर गिरीं। पुलिस का ये भी कहना है कि अगर बदमाश होते तो वारदात अंजाम देने के बाद शव इतनी दूर क्यों फेंकने जाते। करीबियों पर शक करने की ये भी एक बड़ी वजह है।
गले नहीं उतर रही परिजनों की कहानी
पुलिस ने जब पूछताछ की तो मृतक की बहन का कहना था कि जब वह रात में नीचे आई थीं तो दरवाजा खुला था, जबकि सोने से पहले उन्होंने दरवाजा बंद किया था। घर के भीतर रखे बख्से आदि खुले थे और सामान बिखरा था। पायल, बिछिया और दो हजार की नकदी गायब है। कहना था कि चोरी के इरादे से आए बदमाशों ने शायद मार दिया है। पुलिस का कहना है कि परिवार में 12 लोग हैं। जो छत पर सोते थे, सुंदर घर के बाहर सोते थे। मकान बहुत बड़ा नहीं है। ऐसे में कोई भी वहां बाहर का जाता तो सभी को पता चल जाता। अब तक की जांच में घर के भीतर जबरन किसी के दाखिल होने के सुबूत नहीं मिले हैं। इसलिए करीबी शक के दायरे में हैं।
माता-पिता की मौत के बाद से बहन के घर रह रहा था सुंदर
कलुईखेडा के जंगली का एक बेटा सुंदर और एक बेटी फूलमती थी। माता पिता की मौत के बाद सुंदर अपनी बहन फूलमती के साथ पुरहिया में ही रहने लगा था। उसके हिस्से में 10 बिस्वा जमीन थी जो पांच वर्ष पूर्व बेच दी थी। मृतक के तीन भांजे सोनू, मुकेश व नन्हकऊ हैं। तीनों का विवाह हो चुका है। सुंदर खेती किसानी और मवेशियों की देखभाल करता था।
कोट:
वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। कई पुख्ता सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर तफ्तीश जारी है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
- विनीत जायसवाल, डीसीपी साउथ