2015 में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी ने सजा से बचने के लिए कोर्ट में अपना फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल कर किया था। वह जमानत पर आया था तब से फरार था। उसे लखनऊ के चिनहट से गिरफ्तार किया गया है।
लखनऊ में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में सजा से बचने के लिए कोर्ट में अपना फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर एक साल से फरार चल रहे आरोपी को विभूतिखंड पुलिस ने मंगलवार को चिनहट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी बस्ती में हरैया का रहने वाला सुशील उर्फ रमेश उर्फ सोनू पाठक है। आरोपी वर्तमान में चिनहट के जयपाल खेड़ा में रह रहा था। वह शटरिंग का काम करता है। आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है। 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी सुशील किशोरी से दुष्कर्म के मामले में 2015 में जेल गया था। आरोपी से इसके मां-पिता ने रिश्ता तोड़ दिया था। 2019 में वह जमानत पर छूटा था। वह लगातार कोर्ट में पेशी पर आ जा रहा था। 2024 में मामले में गवाही पूरी हो चुकी है।
गवाही पूरी होने पर कोर्ट जल्द ही फैसला सुनाने वाली थी। आरोपी को सजा का डर सता रहा था। इससे बचने के लिए उसने साजिश रची। आरोपी सुशील ने वकील के जरिए कोर्ट में अपना कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र दाखिल करा दिया था। संदेह होने पर जब कोर्ट ने प्रमाणपत्र की जांच कराई तो वह फर्जी निकला था। इस पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था।
पकड़ में न आए इसलिए बदल रखा था हुलिया
आरोपी इतना शातिर था कि वह पकड़ में न आए, इसलिए वह एक साल से पगड़ी व दाढ़ी और मूंछ बढ़ाकर रहता था। समय-समय पर ठिकाने भी बदलता रहता था। सोमवार को सर्विलांस के जरिये आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।