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बिकरू कांड के आरोपी का बहनोई गिरफ्तार, दस्तावेजों में हेराफेरी का दर्ज है मुकदमा

Mon, 15 Mar 2021 08:01 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बिकरू कांड - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के बहनोई को कृष्णानगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर सरकारी गाड़ी के दस्तावेज तैयार करने में हेराफेरी का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। कानपुर के बिकरू में 3 जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। इस वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद 10 जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं उसके भाई कृष्णानगर निवासी दीप प्रकाश के घर से पुलिस ने एक सरकारी नंबर की अंबेसडर कार बरामद की थी। जो वृंदावन कालोनी निवासी विनीत पांडेय की थी। पांच जुलाई को कृष्णानगर पुलिस ने इस मामले में विनीत की तहरीर पर विकास दुबे व उसके भाई दीप प्रकाश दुबे केखिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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विनीत के मुताबिक वह कार 2009 में नीलामी में खरीदी थी।  विनीत पांडेय ने बताया कि नीलामी में खरीदी गई सरकारी नंबरी की अंबेसडर कार खरीदने के बाद एक दिन विकास, उसका भाई दीप प्रकाश उर्फ  दीपक और दो अन्य लोग उसके पास पहुंचे। पहले तो उन लोगों से उससे बीजी नंबर की गाड़ी खरीदने के संबंध में बातचीत की। उसने जब बताया कि बीजी नंबर की अंबेसडर कार उसने खरीदी है तो विकास, उसका भाई और दो अन्य साथी ने धमका कर गाड़ी अपने साथ ले गए थे।  पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी थी।

प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर महेश दुबे के मुताबिक पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी कृष्ण गोपाल दीक्षित अचलगंज उन्नाव का रहने वाला है। वह विकास दुबे व दीप प्रकाश का बहनोई है। इसी ने सरकारी वाहन के दस्तावेज में हेराफेरी की थी। पुलिस सरकारी एंबेस्डर कार का कूटरचित दस्तावेज बनाया। पुलिस ने रविवार देर रात को आरोपी को कृष्णानगर इलाके से दबोच लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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