लखनऊ। केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग लारी के हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के काउंटर पर मरीजों से ज्यादा दलालों की भीड़ है। काउंटर पर दवाएं न मिलने पर दलाल मरीजों और उनके तीमारदारों के पीछे लग जा रहे हैं। उन्हें एचआरएफ से भी सस्ती दवाएं दिलाने का झांसा देकर निजी मेडिकल स्टोर ले जा रहे हैं। निजी मेडिकल स्टोर के एक दलाल का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह नजदीकी मेडिकल स्टोर से दवाएं दिलाने का दावा कर रहा है।
वायरल वीडियो में दलाल व तीमारदार के बीच हुई बातचीत
दलाल- दवाएं नहीं मिलीं क्या?
तीमारदार - कुछ दवाएं नहीं मिली हैं।
दलाल- हमारा मेडिकल स्टोर नजदीक में है, छूट पर दवाएं मिल जाएंगी।
तीमारदार- ये पर्चा देखकर बताएं, कितने रुपये की दवाएं मिलेंगी?
दलाल- अभी पर्चा मेडिकल स्टोर पर भेजकर पुछवाता हूं।
तीमारदार - कितना समय लगेगा?
दलाल - 15 दिन की दवाएं 19 सौ रुपये की हैं।
तीमारदार - दवाओं पर छूट कितने रुपये की मिलेगी?
दलाल- 25 फीसदी छूट के बाद दवाएं 15 सौ रुपये की पड़ेगी।
तीमारदार - ठीक, अपना नंबर दे दो आप, जरूरत होगी तब बताएंगे।
दलाल- मेरा नंबर इस विजिटिंग कार्ड में है, फोन कर लेना, सस्ती दवाएं मिल जाएंगी।
बीते साल हुई थी कार्रवाई, फिर लगने लगा मजमा
बीते साल भी ऐसे ही कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद अफसरों ने सख्ती की थी। गार्ड से लेकर पुलिस तक को निगरानी के निर्देश दिए थे। एक से डेढ़ माह तक दलाल एचआरएफ काउंटर तक तो नहीं पहुंचे, मगर गेट के बाहर जमावड़ा लगाए रखा। समय बीतते ही व्यवस्था फिर से पटरी से उतर गई। अब फिर से एचआरएफ काउंटर के आसपास दलाल घुसपैठ कर चुके हैं।
हर दिन लाखों रुपये का खेल
एचआरएफ काउंटर पर दवाएं न मिलने पर निजी मेडिकल स्टोर के दलाल मरीजों को बहलाकर ले जा रहे हैं। हर दिन करीब तीन से चार लाख रुपये का कारोबार काउंटर पर खड़े दलाल कर रहे हैं। इसके बदले उन्हें मोटा कमीशन मिल रहा है।
Iपूर्व में शिकायत मिलने पर दलालों पर नकेल कसी गई थी। सोमवार को इन्हें चिह्नित कराया जाएगा। जल्द ही लारी की नई बिल्डिंग की शुरुआत होने वाली है। यहां दलालों का घुस पाना संभव नहीं होगा।I
I- डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI