फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिटनेस के नाम पर वाहन मालिकों और चालकों को 'लूट' रहे दलाल, शाम से ही सज जाती है दलालों की मंडी

Tue, 26 Nov 2019 12:32 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

दो दिन पहले ही दलाल ने कहा था कि चार हजार रुपये दो वर्ना फिटनेस फेल हो जाएगी। उसकी बात नहीं मानी तो दो दिन बाद ही वहीं हुआ जो दलाल ने कहा था। यानी ऑटो की फिटनेस फेल कर दी गई। यह वाकया है कानपुर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर के बाहर का जहां दलाल, वाहन मालिकों व चालकों को ‘लूट’ रहे हैं।

विज्ञापन


ये दलाल 4000 रुपये में ऑटो-टेम्पो और 6000 रुपये में छोटा हाथी की चंद समय में फिटनेस जांच कराकर प्रमाण पत्र हाथ में थमाने का दावा कर रहे हैं। सरोजनीनगर पुलिस की सरपरस्ती में ऐसे दलालों की मंडी शाम ढलते ही सजने लगती है, जब से वाहन कतार में लगने शुरू होते हैं।

ये दलाल वाहन मालिकों और चालकों से फिटनेस के नाम पर वसूली जाने वाली घूस को लेकर पूरी रात सौदेबाजी करते हैं। इसका खुलासा 22 नवंबर की रात ‘अमर उजाला’ की तहकीकात के दौरान ऑटो मालिक व सेवानिवृत्त फौजी बशीर अहमद निवासी आलमबाग ने किया था।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि अपराह्न तीन बजे से ऑटो कतार में लगा है जिसे लेकर चालक आया था। रात आठ बजे चालक खाना खाने चला गया तो ऑटो की निगरानी कर रहे हैं। एक घंटे के भीतर कई दलाल आकर 4000 रुपये में ऑटो के फिटनेस की जांच कराकर प्रमाण पत्र दिलाने का दावा कर चुके हैं।

सेवानिवृत्त फौजी बशीर अहमद - फोटो : अमर उजाला
फौजी घूस देकर काम कराने में विश्वास नहीं रखते इसलिए दलाल को मना कर दिया। दलाल ने भी चेतावनी दी, कि बिना घूस दिए ऑटो का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। बशीर ने कहा कि सिक्योरिटी की नौकरी और कभी-कभी ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, ऐसे में 4000 रुपये की घूस देना मुमकिन नहीं था।

दलाल बोला, मशीन वाले लेते 1000 रुपये
सेवानिवृत्त फौजी ने बताया कि दलाल ने कहा था कि पहले ऑटो की फिटनेस 2000 रुपये में हो जाती थी। लेकिन जब से नई मशीन आई है, तब से ये रकम 4000 रुपये हो गई है। इसमें से 1000 रुपये तो मशीन वाले फिटिंग के ले रहे हैं। बचे तीन हजार रुपये बाकी सभी में बंटते हैं।  

... वहीं हुआ जो दलाल ने कहा था
सेवानिवृत्त फौजी ने 24 नवंबर को बताया कि दलाल को 4000 रुपये की घूस नहीं दी, जिसके कारण उसके ऑटो की फिटनेस फेल हो गई है। इसके पीछे वजह प्रदूषण जांच में फेल बताया गया है। जबकि 15 दिन पहले ही ऑटो में पूरा काम कराने के बाद प्रदूषण की जांच कराकर प्रमाण पत्र लिया गया था। फिटनेस सेंटर के अधिकारी ने ऑटो के इंजन के रिंग बदलने की सलाह देकर दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया है। 
विज्ञापन

सामने आने को तैयार नहीं स्कूल बस चालक

प्रतीकात्मक तस्वीर
फिटनेस सेंटर के बाहर स्कूली बस व कंपनियों के वाहनों के चालकों ने भी बताया कि जब कतार में लगे तब से दलाल 6000 रुपये घूस लेकर फिटनेस कराकर प्रमाण पत्र दिलाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि स्कूलों व कंपनियों के ये चालक कैमरे के सामने आकर इस तरह के आरोप लगाने से कतराते रहे।  

प्राइवेट कर्मी कर रहे जांच
लखनऊ ऑटो ओनर्स/ चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर वर्मा ‘पहलवान’ का कहना कि दलाल जिससे फिक्स रकम लेते हैं तो उसकी गाड़ी का फिटनेस कराकर प्रमाण पत्र दिला रहे हैं। यह संभव भी है, दरअसल फिटनेस सेंटर पर वाहन की जांच तो प्राइवेट कर्मी ही कर रहे हैं जिसमें खेल करने का अंदेशा तो है।

दलालों से साठगांठ के साक्ष्य दें तो करेंगे कार्रवाई
दलालोें द्वारा यदि मोटी रकम लेकर फिटनेस प्रमाण पत्र दिलाने का दावा किया जा रहा है तो उसमें कोई सच्चाई नहीं है। वह निराधार है। अगर वाहन मालिक व चालक, फिटनेस सेंटर कर्मियों से दलालों की साठगांठ का साक्ष्य दें तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। - आरपी द्विवेदी, आरटीओ (प्रशासन) लखनऊ संभाग
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें