सेवानिवृत्त फौजी बशीर अहमद
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फौजी घूस देकर काम कराने में विश्वास नहीं रखते इसलिए दलाल को मना कर दिया। दलाल ने भी चेतावनी दी, कि बिना घूस दिए ऑटो का फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। बशीर ने कहा कि सिक्योरिटी की नौकरी और कभी-कभी ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, ऐसे में 4000 रुपये की घूस देना मुमकिन नहीं था।
दलाल बोला, मशीन वाले लेते 1000 रुपये
सेवानिवृत्त फौजी ने बताया कि दलाल ने कहा था कि पहले ऑटो की फिटनेस 2000 रुपये में हो जाती थी। लेकिन जब से नई मशीन आई है, तब से ये रकम 4000 रुपये हो गई है। इसमें से 1000 रुपये तो मशीन वाले फिटिंग के ले रहे हैं। बचे तीन हजार रुपये बाकी सभी में बंटते हैं।
... वहीं हुआ जो दलाल ने कहा था
सेवानिवृत्त फौजी ने 24 नवंबर को बताया कि दलाल को 4000 रुपये की घूस नहीं दी, जिसके कारण उसके ऑटो की फिटनेस फेल हो गई है। इसके पीछे वजह प्रदूषण जांच में फेल बताया गया है। जबकि 15 दिन पहले ही ऑटो में पूरा काम कराने के बाद प्रदूषण की जांच कराकर प्रमाण पत्र लिया गया था। फिटनेस सेंटर के अधिकारी ने ऑटो के इंजन के रिंग बदलने की सलाह देकर दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया है।
फिटनेस सेंटर के बाहर स्कूली बस व कंपनियों के वाहनों के चालकों ने भी बताया कि जब कतार में लगे तब से दलाल 6000 रुपये घूस लेकर फिटनेस कराकर प्रमाण पत्र दिलाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि स्कूलों व कंपनियों के ये चालक कैमरे के सामने आकर इस तरह के आरोप लगाने से कतराते रहे।
प्राइवेट कर्मी कर रहे जांच
लखनऊ ऑटो ओनर्स/ चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर वर्मा ‘पहलवान’ का कहना कि दलाल जिससे फिक्स रकम लेते हैं तो उसकी गाड़ी का फिटनेस कराकर प्रमाण पत्र दिला रहे हैं। यह संभव भी है, दरअसल फिटनेस सेंटर पर वाहन की जांच तो प्राइवेट कर्मी ही कर रहे हैं जिसमें खेल करने का अंदेशा तो है।
दलालों से साठगांठ के साक्ष्य दें तो करेंगे कार्रवाई
दलालोें द्वारा यदि मोटी रकम लेकर फिटनेस प्रमाण पत्र दिलाने का दावा किया जा रहा है तो उसमें कोई सच्चाई नहीं है। वह निराधार है। अगर वाहन मालिक व चालक, फिटनेस सेंटर कर्मियों से दलालों की साठगांठ का साक्ष्य दें तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। - आरपी द्विवेदी, आरटीओ (प्रशासन) लखनऊ संभाग