पीड़ित एंबुलेंस चालक की पीठ पर पिटाई के निशान।
लखनऊ। गाजीपुर क्षेत्र में शनिवार देर रात दलाल ने एंबुलेंस चालक को बंधक बनाकर एक घंटे तक पीटा। इस दौरान एंबुलेंस में लेटा नेपाली मरीज तड़पता रहा। आरोपी चालक से 10 हजार नेपाली करेंसी और मोबाइल लूटकर भाग निकला। पुलिस ने शनिवार को आरोपी दलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
नेपाल में बांके के नेपालगंज निवासी दिनेश राणा एंबुलेंस चालक हैं। वह अक्सर मरीजों को लखनऊ लाते हैं। शुक्रवार रात वह नेपाली मरीज को लेकर लखनऊ पहुंचे। अस्पताल में भर्ती न होने से वे शनिवार रात नेपाल लौट रहे थे। करीब तीन बजे गाजीपुर के इस्माइलगंज में लकी सिंह ने एंबुलेंस रोकी। उसने मनमुताबिक अस्पताल में मरीज भर्ती कराने का दबाव डाला। विरोध करने पर उसने डंडों से उन्हें बुरी तरह पीटा।
खुद को स्वास्थ्य मंत्री का पीआरओ बताता है आरोपी
पीड़ित का दावा है कि लकी सिंह खुद को स्वास्थ्य मंत्री का पीआरओ बताता है। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि पीड़ित को चोटें आई हैं। सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं।
नेपाल बॉर्डर तक सक्रिय मरीजों की दलाली का नेटवर्क
नेपाल बॉर्डर तक मरीजों की दलाली का नेटवर्क सक्रिय है। दलाल नेपाली मरीजों को निजी अस्पतालों में फंसाते हैं। भारत-नेपाल बॉर्डर पर एंबुलेंस चालक दलालों से सांठगांठ कर मरीजों को निजी अस्पताल भेजते हैं। इसमें खदरा के पक्का पुल स्थित एक अस्पताल में हर रोज एक या दो नेपाली मरीज ठेके पर लाकर भर्ती किए जा रहे हैं। दलाली को लेकर मारपीट भी होती है, पर स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं देता।