डॉयरेक्टर रीना मानस व रचित मानस।
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दोपहर बाद कुछ अभिभावक और स्वयंसेवी संगठन के लोग स्कूल के पक्ष में आ गए और नारे लगाते हुए पूरे घटनाक्रम को झूठा बताते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने लगे। अलीगंज इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने उन्हें समझाकर शांत कराया। दोपहर बाद पुलिस ने रचित को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जमानत मिल गई।
एसएसपी ने बताया कि प्रिंसिपल ने रितिक पर हमले का जो केस दर्ज कराया था, उसी में उन्हें भी आरोपी बनाते हुए साक्ष्य छिपाने व लापरवाही की धाराएं जोड़ी गई हैं। इस मामले में स्कूल की निदेशक रीना मानस को आरोपी बनाने के बारे में एसएसपी ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ होने वाली घटना की जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होती है इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है।
मालूम हो कि मंगलवार सुबह स्कूल के द्वितीय तल पर स्थित टॉयलेट में कक्षा एक के छात्र रितिक शर्मा को के हाथ-पैर बांधकर व मुंह में कपड़ा ठूंसकर बंधक बनाने के बाद उस पर चाकू से कई वार किए गए थे। हमलावर उसे मरा समझकर टॉयलेट में बंद करके भाग निकला था।
मासूम रितिक ने पैर से दरवाजे पर ठोकर मारी तब उधर से गुजर रहे डिसिप्लिन इंचार्ज अमित सिंह को वारदात का पता चला। स्कूल प्रशासन छात्र को एक निजी अस्पताल में ले गया जहां से उसे ट्रामा रेफर कर दिया गया।
बुधवार को पुलिस को मामले की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने ट्रामा सेंटर जाकर छात्र के बयान लिए तो उसने कक्षा सात की एक छात्रा पर हमले का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी। प्रिंसिपल रचित मानस की तरफ से अज्ञात छात्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। रितिक से हमलावर के हुलिए की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध छात्रा को निगरानी में लिया गया था।