राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल की ओर से रविवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पहले नाबालिग की शादी कराने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब सोमवार को विदाई के वक्त दुल्हन पक्ष को किसी ने बताया कि दूल्हा दूसरे समुदाय का है।
उसके बाद दुल्हन ने खुद को नाबालिग बताते हुए पति संग जाने से इंकार कर दिया। विदाई को लेकर सोमवार को पूरे दिन पंचायत चलती रही लेकिन दुल्हन नहीं मानी। लड़की की मांग ने रोहनिया थाने में शिकायत की है, जिसमें 60 हजार रुपये लेकर किसी और से शादी कराने का आरोप लगाया है।
रोहनिया के पंडितपुर वासी श्रवण कुमार जायसवाल की पत्नी उषा से दो महीने पूर्व मंडुवाडीह के शिवदापुर निवासी बिट्टी नाम के एक युवक ने उनकी बेटी की शादी सामूहिक विवाह समारोह में करने की सलाह दी और शिवदासपुर के एक युवक से तय भी करा दी।