भेलसर। रुदौली तहसील में लेखपाल दीपचंद यादव की पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम रुदाैली संतोष कुमार ने आरोपी लेखपाल के निलंबन की पुष्टि की है।
शिकायतकर्ता देवी प्रसाद लोधी ने आरोप लगाया कि एसडीएम कोर्ट ने 27 अप्रैल को कुर्रा विभाजन की रिपोर्ट मांगी थी। इसी रिपोर्ट को लगाने और पैमाइश कराने के लिए दीपचंद यादव रिश्वत मांग रहे थे। लोधी का कहना है कि पहले भी धन लिया गया था। लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ और बाद में अतिरिक्त धन की मांग की गई। लोगों का मानना है कि यह केवल एक ट्रैप कार्रवाई नहीं है। यह राजस्व व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार की पुष्टि है।
पुरानी घटनाओं का सिलसिला
रुदौली तहसील में यह पहला मामला नहीं है। फरवरी 2024 में लेखपाल शिवकुमार पांडेय को छह हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले सैमसी क्षेत्र में लेखपाल सत्यनारायण तिवारी का पांच हजार रुपये लेते वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उन्हें निलंबित किया गया। एक अन्य लेखपाल कुलदीप श्रीवास्तव भी दस हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले बताते हैं कि कार्रवाई के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
किसान ने किया था आत्मदाह का प्रयास
करीब तीन माह पहले किसान शत्रोहन यादव ने आत्मदाह का प्रयास किया था। उन्होंने गलत रिपोर्टों और न्याय न मिलने का आरोप लगाया था। ताजा गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों में चर्चा है कि उन आरोपों की जांच हुई थी या नहीं। लोगों का मानना है कि यह समस्या केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। अब प्रशासन से पूरे तंत्र की गहन जांच और सुधारात्मक कदम उठाने की उम्मीद है।