बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत मामले में मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी।
रिपोर्ट मिलते ही योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज पर एफआईआर कराने का निर्देश दिए। जिसके बाद देर रात लखनऊ के हजरतगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गईं।
ये एफआईआर भ्रष्टचार, काम में लापरवाही बरतने और डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने को लेकर दर्ज हुई हैं।
इसके साथ ही रिपोर्ट मिलने के कुछ देर बाद ही चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव अनीता भटनागर जैन को हटाकर महानिदेशक प्रशिक्षण जैसे कम महत्व वाले पद पर भेज दिया गया।
हालांकि रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन इसमें करीब छह से ज्यादा अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की बात कही जा रही है। रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ ही शासन स्तर से कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उपयुक्त समय आने पर इसे सार्वजनिक किया जाएगा। हालांकि इसके तत्काल बाद ही कार्रवाई नजर आने लगी।
माना जा रहा है कि रिपोर्ट में जैन की भूमिका पर भी अंगुली उठाई गई है। प्रमुख सचिव राजस्व रजनीश दुबे को चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि समिति ने जांच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन से लेकर शासन तक के अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की है। बताया गया है कि आपराधिक कृत्य मानते हुए कुछ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।