मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी) और सीनियर सेकेंडरी (आलिम) की परीक्षाओं में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मार ली है। परीक्षाओं में लड़के 47.83 फीसदी पास हुए जबकि लड़कियां 52.17 फीसदी उत्तीर्ण हुई हैं। शुक्रवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने राज्य मंत्री दानिश अंसारी आजाद और मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह की मौजूदगी में सचिवालय के मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय में मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट जारी किया।
मदरसा बोर्ड की मुंशी-मौलवी (सेकेंडरी) की परीक्षा में 49882 परीक्षार्थियों में 42439 परीक्षार्थी पास हुए हैं, इनमें से 21767 छात्राओं ने सफलता हासिल की। इनका प्रतिशत 51.29 रहा जबकि 20672 छात्र सफल हुए। उनका प्रतिशत 48.71 रहा। इसी तरह आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा में 18541 परीक्षार्थियों में 17544 परीक्षार्थी सफल हुए। इनमें 9524 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं, उनका प्रतिशत 54.30 रहा। वहीं 8017 छात्रों ने परीक्षा में सफलता पाई। उनका प्रतिशत 45.70 रहा।
मुंशी-मौलवी (सेकेंडरी) की परीक्षा में अमेठी के मोहम्मद आकिब ने 89.33 फीसद अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि लड़कियों में कुशीनगर की शाजिया शमीम 88.17 फीसद अंक हासिल कर छात्राओं में पहले स्थान पर रहीं जबकि प्रदेश में तीसरे नंबर पर रहीं।
दूसरे नंबर पर कुशीनगर के फरहान रजा रहे, इन्होंने भी 89.33 फीसद अंक हासिल किए। 88.17 प्रतिशत अंक हासिल कर रामपुर की शहनाज जहां ने छात्राओं में दूसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह कुशीनगर की शमशेरा खातून, शबाना अंसारी, नजीब आलम, गोलू सिददीकी, अमेठी के अहमद रजा और अयोध्या की मंतशा खातून ने टॉप टेन में जगह बनाई।
आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा में मुदाराबाद के फुरकान अली 95 फीसद अंक हासिल कर प्रदेश में पहले स्थान पर रहे। दूसरे नंबर पर कुशीनगर की सदरुन निशा ने 94.80 फीसद अंक हासिल किए। झांसी के नोमान खान 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे।
सचिवालय मुख्य भवन स्थित कार्यालय में मदरसा बोर्ड का रिजल्ट जारी करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा सबसे बुनियादी चीज है। हम पूरी तरह से मदरसों की शिक्षा के लिए संजीदा हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार का लक्ष्य है कि मदरसों में परंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा पूरे वैज्ञानिक तरीके से दी जाए, ताकि मदरसों के छात्र मुख्यधारा में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि मदरसा पोर्टल बनाकर मदरसों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कम्प्यूटर से अल्पसंख्यकों के मनोबल, चेतना और विश्वास में संचार हुआ है।