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Lucknow News: हरदोई बाल सुधार गृह भेजे गए दोनों नाबालिग आरोपी

Fri, 23 Feb 2024 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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सीतापुर (महमूदाबाद)। लापता हुए कक्षा नौ के छात्र सुधाकर यादव का अब तक पता नहीं चल सका है। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो नाबालिग आरोपियों कोे हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उन्हें हरदोई स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
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जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों इस मामले में अन्य दोस्तों को फंसाने की साजिश रच ली थी तभी पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लग गया। इसमें सुधाकर के साथ आरोपी बाइक से जाता दिखा। इसी फुटेज के आधार पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज खोल दिया।
रामपुर कलां थाना क्षेत्र के लखवापुर निवासी सुनील कुमार सहायक अध्यापक हैं। वह महमूदाबाद के मोतीपुर चौराहे पर किराए के मकान में रहते हैं। कक्षा-नौ में पढ़ने वाला उनका पुत्र सुधाकर (12) मंगलवार को अचानक घर से लापता हो गया था। पिता ने आरोप लगाया था कि उसका एक दोस्त उसे उठाकर ले गया है। सुनील जब देने तहरीर देने पहुंचे तो उसके साथ कक्षा-11 का एक छात्र शशांक भी था।
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पिता ने तहरीर में बताया था कि शशांक और सुरेंद्र के मुताबिक ललित नाम का छात्र उसके पुत्र को उठाकर कहीं ले गया है। पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो मामला उलटा निकला। फुटेज में शशांक बाइक से सुधाकर के साथ जाता दिखा।
पुलिस के सामने शशांक ने इस बात से साफ मना कर दिया था। शक के आधार पर पुलिस ने शशांक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। सारे राज उगल दिए। सीओ दिनेश शुक्ल ने बताया कि पूछताछ में शशांक ने बताया कि वह सुधाकर को बाइक से लेकर गया था। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसे बाराबंकी जिले में बड्डूपुर से निकली नहर में फेंक दिया है।
सीओ ने बताया कि शशांक और आकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को हरदोई के बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। दोनों आरोपी नाबालिग हैं। बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर द्वितीय वाहिनी पीएसी की टीमें नहर को खंगाल रही हैं।

तो ढाल की तरफ फेंका गया सुधाकर
पुलिस की मानें तो घटना को अंजाम देने वाले सभी छात्र शातिर हैं। उन्होंने सुधाकर को नहर में ढाल की ओर फेंक दिया, जिससे वह दूर तक बहता हुआ चला जाए। बहाव तेज होने के कारण उसका पता नहीं चल पा रहा है। द्वितीय वाहिनी पीएसी की टीम उसे तलाशने में लगी है। प्लाटून कमांडर शमशाद अहमद ने बताया कि सात लोग टीम में हैं।

छह महीने पहले उपजा था विवाद, मारने की दी थी धमकी
पुलिस की मानें तो बीते वर्ष के अगस्तमें सुधाकर को शशांक ने जान से मारकर नहर में फेंकने की धमकी दी थी। यह बात सुधाकर की बहन ने पिता सुनील को बताई थी। पिता ने इसकी शिकायत स्कूल में की तो आरोपी शशांक के पिता ने 10 अगस्त को शपथ पत्र देकर माफी मांगी थी। तभी से इस विवाद की शुरुआत हो गई। पुलिस की मानें तो शशांक अक्सर सुधाकर के घर भी आता-जाता था। घटनास्थल पर दारू की बोतलें भी मिली हैं। यह प्रतीत होता है कि आरोपियों ने सुधाकर को नशे की लत का भी आदी बना दिया था।

तो सोशल मीडिया गैंग से प्रेरित थे आरोपी
एक सोशल मीडिया के कथित व्हाट्सएप ग्रुप से प्रेरित होकर आरोपी छात्रों ने पूरी साजिश रच डाली। हालांकि पुलिस अभी इस बिंदु पर जांच होने की बात कह रही है। सूत्रों की मानें तो आरोपी आकाश वर्मा का एक भाई इस व्हाट्सएप ग्रुप को चलाता है। वह पूर्व में हत्या के प्रयास के एक मुकदमे में आरोपी भी है। वहीं, उसके पिता पर भी गैंगस्टर, एनडीपीएस जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज है। वहीं, महमूदाबाद का एक इंस्टाग्राम अकाउंट भी पुलिस की रडार पर है। जिसे महमूदाबाद के युवा फॉलो करते हैं। इसमें बाइक पर खुलेआम घूमते आरोपी आकाश वर्मा के भाई का वीडियो भी पोस्ट है।
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