लखनऊ। दुबग्गा विद्युत उपकेंद्र के संविदाकर्मी धीरज कुमार 27 सितंबर को 11 हजार केवी की लाइन पर काम करते समय करंट की चपेट में आ गए थे। हादसे में वे बुरी तरह झुलस गए थे। पोल से गिरने पर उनके दोनों पैर टूट गए और सिर में गंभीर चोटें आईं। अब डॉक्टरों ने उनके दोनों हाथों को काटने की सलाह दी है।
भाई करन के मुताबिक, धीरज के दोनों हाथ गंभीर रूप से झुलस गए थे। डॉक्टरों ने उन्हें काटने की सलाह दी है। गंभीर हालत में भर्ती कराने के बाद अवर अभियंता और एसडीओ ने इलाज का खर्च उठाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने भुगतान से इन्कार कर दिया। परिजनों ने बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और आउटसोर्सिंग कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परिजन कंपनी के खिलाफ थाने भी पहुंचे। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि एसडीओ एमए मंसूरी से बातचीत हुई है। उनका कहना है कि परिजनों को अब तक 1.60 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है और हादसा बिना शटडाउन लिए पोल पर चढ़कर काम करने के दौरान हुआ। फिलहाल, पुलिस एजेंसी के सुपरवाइजर समेत अन्य अधिकारियों से पूछताछ कर रही है और जांच जारी है।