लखनऊ। कूड़ा बीन कर किसी तरह से रोजी-रोटी चलाता हूं...। बेटा भी चला गया। मेरा नसीब भी क्या है कि बेटे को दफनाने के लिए जेब में एक पाई नहीं... मैं क्या करूं। ये वेदना महानगर के पंतनगर निवासी किस्मत अली की थी। उनका 14 वर्षीय बेटा रीजू, जिसकी शनिवार को कुकरैल नदी में डूबने से मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम हाउस से जब मासूम का शव घर पहुंचा तो सदमे में बैठी रीजू की मां बशीरुननिशां फूट-फूटकर रोने लगीं। लोगों ने किसी तरह से उन्हें संभाला। वहीं, किस्मत अली ने लोगों से दस हजार रुपये उधार लेकर फातिमा कब्रिस्तान में रीजू के शव को दफना दिया।