गुडंबा। गुडंबा के कपासी गांव में मंगलवार रात 65 वर्षीय बोरिंग कारीगर राजेंद्र रावत ने फंदा लगाकर जान दे दी। वह मूलरूप से इंदिरानगर के खुर्रमनगर निवासी थे।
उनके बेटे सचिन ने बताया कि पिता ने कपासी गांव में मकान बनवाया था, जिसमें चार दुकानें और एक कमरा था। पिता वहीं रहते थे। परिवार की हार्डवेयर और किराना की दुकानें भी वहीं थीं। वह अक्सर हार्डवेयर की दुकान पर बैठते थे। मंगलवार दोपहर उनकी पिता से बातचीत हुई थी। रात करीब नौ बजे पड़ोसी ने खिड़की से पिता का शव कमरे में पंखे से साड़ी के सहारे लटका देखा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना मिलने पर वह पड़ोसी की छत के रास्ते कमरे में पहुंचे और पिता को फंदे से लटका पाया। परिवार में उनकी पत्नी विजय और दो बेटे हैं। इंस्पेक्टर गुडंबा अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।