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Lucknow News: नया सत्र शुरू होते ही मिलने लगेंगी किताबें

Sun, 12 Jan 2025 05:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग ने पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए पाठ्य पुस्तकों एवं कार्य पुस्तिकाओं की आपूर्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि नया सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताबें मिलनी शुरू हो जाएं। आगरा के एक मुद्रक को क्रयादेश भेजा जा चुका है। जैसै-जैसे आपूर्ति मिलती रहेगी, वैसे-वैसे मार्च के अंत तक परिषदीय विद्यालयों को किताबें उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2299 परिषदीय विद्यालय एवं 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या लगभग दो लाख 18 हजार है। इसी छात्र संख्या के आधार पर किताबों की डिमांड की गई है। कक्षा चार से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए पाठ्य पुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं का क्रयादेश जारी कर दिया गया है।

किताबों की आपूर्ति मेसर्स केलाजी बुकग्स प्राइवेट लिमिटेड आगरा को करनी होगी। पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति के लिए ढाई महीने और कार्य पुस्तिकाओं की आपूर्ति के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। यानी कि मार्च के अंत तक शत-प्रतिशत आपूर्ति मिल जाएगी।
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जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता का कहना है कि कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए 14 लाख 38 हजार 503 पाठ्य पुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं मंगाई गई हैं, जिनमें हिंदी माध्यम की 13 लाख 61 हजार 43 किताबें, उर्दू माध्यम की 5596 किताबें और अंग्रेजी माध्यम की 71 हजार 864 किताबें शामिल हैं।

जैसे-जैसे किताबें आनी शुरू होंगी, उन्हें ब्लाॅक संसाधन केंद्रों को भेजा जाता रहेगा। ब्लाॅक संसाधन केंद्रों से किताबें परिषदीय विद्यालयों तक पहुंचाई जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किताबें मंगाने के लिए क्रयादेश जारी हो गया है। मार्च के अंत तक स्कूलों में किताबें पहुंचा देंगे।


एनसीईआरटी से आएंगी कक्षा एक से तीन तक की पुस्तकें
अभी कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए किताबें मंगाने का क्रयादेश जारी हुआ है, लेकिन कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए किताबें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से आएंगी। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए किताबें एनसीईआरटी से मंगानी है, लेकिन अभी इस बारे में कोई निर्देश उच्चाधिकारियों की ओर से नहीं मिला है। जैसे ही निर्देश मिलेगा, कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए भी किताबें मंगाई जाएंगी।
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