लखनऊ। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में पुनर्नियुक्ति पर तैनात रहे ऑर्थोपेडिक सर्जन पर एक बुजुर्ग महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है। आरोप है कि डॉक्टर ने सात माह पहले महिला को निजी अस्पताल ले जाकर उसके हाथ का ऑपरेशन किया था। इसके बावजूद हड्डी नहीं जुड़ पाई। बेटी ने मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की है। सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
आलमबाग के सुजानपुरा निवासी प्रीति पांडेय के मुताबिक, उनकी 70 वर्षीय मां माधुरी के हाथ की हड्डी टूट गई थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय ले गए थे। वहां ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश प्रजापति ने ऑपरेशन की सलाह दी। अप्रैल में डॉक्टर ने उनकी मां के हाथ का ऑपरेशन किया।
प्रीति का आरोप है कि ऑपरेशन के सात माह बाद भी हड्डी नहीं जुड़ी है। प्लेट खिसकने, स्क्रू ढीले होने, संक्रमण और असहनीय दर्द जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इससे मां को काफी परेशानी हो रही है। बेटी के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर के निर्देश पर सात माह तक ड्रेसिंग, दवाइयों और अन्य उपचार जारी रखा। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर ने ऑपरेशन की विफलता के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी और स्थिति ठीक होने का आश्वासन देते रहे। बाद में जिम्मेदारी लेने से भी इन्कार कर दिया।
प्रीति का दावा है कि इलाज पर अब तक करीब तीन से साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिली है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को पत्र भेजा जाएगा।
- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
Iतीमारदार के आरोप बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। जांच में जो भी साक्ष्य मांगे जाएंगे, वह दिए जाएंगे।I
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- डॉ. राजेश प्रजापति, पूर्व विशेषज्ञ, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालयI