चिनहट थानाक्षेत्र के उतरधौना गांव की केमिकल फैक्टरी का बॉयलर शुक्रवार रात फट गया। इसके धमाके के बाद आस-पास के ग्रामीण फैक्टरी के पास पहुंच गए। ग्रामीणों के मुताबिक रिहायशी इलाके में बनी फैक्टरी हटाने के लिए कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। शुक्रवार की घटना के बाद उग्र ग्रामीणों ने हंगामा और नारेबाजी भी शुरू कर दी। पुलिस के रोकने के बावजूद कुछ ने फैक्टरी पर पथराव भी किया। इस पर पुलिस ने सख्ती करते हुए खदेड़ दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारी नारेबाजी और पथराव से इन्कार कर रहे हैं।
आठ एंबुलेंस और दमकल की 5 गाड़ियां पहुंचीं
डीसीपी सोमेन वर्मा के मुताबिक हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के चार थानों की पुलिस को उन्होंने मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। साथ ही आठ एंबुलेंस व गोमतीनगर, इंदिरानगर से दमकल की 5 गाड़ियों को मौके पर बुला लिया गया। एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार, एसीपी विभूति खंड स्वतंत्र सिंह, इंस्पेक्टर चिनहट क्षितिज त्रिपाठी, विभूति खंड श्याम बाबू शुक्ला, गोमती नगर धीरज कुमार और गोमती नगर विस्तार बृजेश यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। रात करीब 11 बजे तक राहत कार्य चलता रहा।
ट्रॉमा के होल्डिंग एरिया में रिजर्व किए 20 बेड
फैक्टरी में धमाके की सूचना मिलते ही केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर को अलर्ट कर दिया गया। सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, ट्रॉमा सीएमएस डॉ. संतोष कुमार, ट्रॉमा प्रभारी डॉ. सुमित रूंगटा सहित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद आनन-फानन ट्रॉमा सेंटर के सामने बनाए गए होल्डिंग एरिया में 20 अतिरिक्त बेड लगवाए गए। डॉ. सुमित रूंगटा ने बताया कि घायलों के लिए होल्डिंग एरिया में ही अलग से एक ब्लॉक बना दिया गया है। यहां इलाज संबंधी सभी तैयारियां कर ली गई हैं। जितने भी घायल आएंगे उन्हें होल्डिंग एरिया में रखकर इलाज शुरू कर दिया। इस दौरान उनका कोरोना का भी सैंपल लिया जाएगा। सुबह सभी को जांच रिपोर्ट के आधार पर वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।