लखनऊ। 64.82 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की सदर शाखा के प्रबंधक को हटा दिया गया है। विभागीय जांच प्रभावित न हो इसलिए यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल अभी तक प्रबंधक के पद पर किसी की स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। उधर, सीबीआई ने मामले में बयानों के लिए बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस जारी किया।
दरअसल यूपी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन (यूपीएफसी) ने एफडी के 64.82 करोड़ रुपये बीओआई में ट्रांसफर किए थे। बैंक में खुद को यूपीएफसी का अधिकारी बन कर्नाटक निवासी दीपक संजीव सुवर्णा ने फर्जी खाता खुलवाकर ये रकम ट्रांसफर करवा ली थी। फिर इसमें से 6.95 करोड़ छह फर्मों के खातों में भेज दिए थे। इसमें कानपुर निवासी अनीस उर्फ मनीष ने दीपक का साथ दिया था। मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बैंक के डिप्टी जोनल मैनेजर अनवर जमाल ने बताया कि प्रकरण में विभागीय जांच भी की जा रही है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो इसके लिए शाखा प्रबंधक शेर सिंह कुशवाहा को पद से हटाया गया। उनकी जगह पर अन्य अफसर कार्य कर रहे हैं।