राजधानी लखनऊ में गुरुवार की रात घर से निकले युवक का शव गांव से एक किमी दूर नाले में पड़ा मिला। घटना नगराम क्षेत्र के छतौनी गांव की है। गांव निवासी रामफेर (35) का शव गांव से एक किमी दूर सलेमपुर अचाका गांव के पास नाले में पड़ा मिला। खबर मिली तो परिजन भागकर पहुंचे। उन्होंने हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
बताया गया कि रामफेर मजदूरी के साथ बैंड बाजा बजाने का काम करता था। वह तीन भाइयों पवन, सुभाष में मंझला था। परिवार में मां जगराना, पत्नी मीरा, बेटी प्रियांशी (13) और प्रिंस (10) हैं। पिता की मौत पहले हो चुकी है। पत्नी मीरा और चाचा नागेश्वर ने बताया कि गुरुवार की रात पड़ोस में तेरहवीं थी। सब लोग निमंत्रण में गए थे। रामफेर को घर पर खाना लाया गया था। पत्नी ने बताया कि रात 7.30 बजे खाना खा रहे थे, तभी उनके फोन पर किसी की कॉल आई।
'घर में बोले कि अभी आ रहा हूं...'
इस पर वह खाना छोड़कर घर से बाहर फोन पर बात करते हुए निकल गए। घर में बोले कि अभी आ रहा हूं। लेकिन, देर रात तक घर नहीं लौटे। इसके बाद खोजबीन शुरू की गई। सुबह गांव से करीब एक किमी दूर नाले में औंधे मुंह उसका शव पड़ा मिला। रामफेर के दोनों भाई सुबह एक केस में पेशी के लिए लखनऊ कोर्ट के लिए निकल गए थे। खबर मिली तो वापस लौटे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रामतीरथ रोज विवाद करता था...
एसओ विवेक चौधरी ने बताया कि रामफेर शराब का लती था। शरीर पर चोट के जाहिरा निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पत्नी व मां ने पड़ोसी रामतीरथ पर हत्या करने का आरोप लगाया है। बताया कि रामफेर पान मसाला की गुमटी रखे था, रामतीरथ रोज विवाद करता था। उसका फोन मौके पर नहीं मिला है। शव से कुछ दूरी पर दो गिलास व पानी के पांच पाइच व देशी शराब के दो खाली पौव्वा पड़े मिले हैं।