दुबग्गा। घर से ऑटो खरीदने निकले काकोरी के दोना गांव निवासी दिलीप रावत (30) का शव बुधवार शाम आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर भलिया गांव के पास मिला। परिजनों ने गांव के मुजीब पर हत्या का आरोप लगाया है। बुधवार सुबह दिलीप के घरवालों ने मुजीब के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे की मांग करते हुए परिजनों ने दो घंटे तक सर्विस लेन पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि दिलीप के भाई मस्तराम के अनुसार, दिलीप मंगलवार शाम चार बजे मुजीब उर्फ मुन्ना के साथ ऑटो रिक्शा खरीदने गए थे। ऑटो की दुकान पर 50 हजार रुपये पहले ही जमा थे, जबकि 30 हजार रुपये दिलीप के पास थे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने मुजीब से पूछताछ की, लेकिन उसने टालमटोल किया।
गले व शरीर पर मिले चोट के निशान : बुधवार शाम आगरा एक्सप्रेसवे स्थित भलिया गांव के पास सर्विस लेन किनारे झाड़ियों में दिलीप का खून से लथपथ शव मिला। दिलीप के गले व शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। दिलीप की मां शिवराजा ने आरोप लगाया कि मुजीब उर्फ मुन्ना दिलीप को ऑटो खरीदने के बहाने ले गया था और रुपये के लालच में उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने मुजीब को आपराधिक प्रवृत्ति का बताया।
प्रदर्शन कर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
दिलीप की हत्या से नाराज परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी मुजीब को सामने लाने और आर्थिक मदद की मांग की। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ। इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि आरोपी मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह पता चलेगी।
पति की मौत की खबर सुन बेसुध हुई पत्नी
दिलीप के परिवार में पत्नी खुशबू, 10 वर्षीय बेटी लक्ष्मी और छह वर्षीय बेटा रितिक हैं। खुशबू घटना के वक्त गोहरामऊ गांव स्थित मायके में थी। पति की मौत की खबर मिलते ही वह बेसुध हो गईं।
प्रदर्शन करते ग्रामीण व बिलखते परिजन।
प्रदर्शन करते ग्रामीण व बिलखते परिजन।