नाले में डूबकर बालक की मौत, बिलखते परिजन
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राजधानी लखनऊ में हैदर कैनाल नाले में गिरे सात वर्षीय बालक का शव गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे बरामद हुआ। बुधवार की शाम खेलते समय पैर फिसलने से गिर गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस व दमकलकर्मियों की टीम तलाश में जुटी रही। देर रात तक पता ना चलने पर सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। बालक हुसैनगंज के पुराना किला इलाके का रहने वाला था।
कबाड़ का काम करने वाले नन्हे पुराना किला में अपनी मां सावित्री, बेटे वीर और पांच वर्षीय बेटे शिवा के साथ रहते हैं। नन्हे कबाड़ का काम करते हैं। बुधवार शाम नन्हे, उनकी मां और शिवा घर पर थे। वहीं वीर पड़ोस के बच्चों के साथ घर से करीब 50 मीटर दूर से बह रहे हैदर कैनाल के पास खेल रहा था। दिनभर हुई बारिश के कारण वहां काफी कीचड़ था। शाम करीब 6.00 बजे कीचड़ पर पैर फिसलने से वीर असंतुलित होकर नाले में जा गिरा।
बहुत तेज था नाले का बहाव
यह देख वहां मौजूद बच्चे घबरा गए। वीर मदद के लिए चीख पुकार मचाने लगा। बच्चों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की मगर वह कुछ कर न सके। तेज बहाव के कारण वीर को डूबता देख आनन-फानन बच्चों ने घर जा कर नन्हे को घटना की जानकारी दी। सूचना पर सभी लोग भागकर मौके पर पहुंचे और खोजबीन की, मगर नाले का बहाव तेज होने के कारण वीर का कुछ पता नहीं चला सका।
दमकल और एनडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घरवालों ने घटना की जानकारी हुसैनगंज पुलिस को दी। पुलिस ने दमकल कर्मियों को सूचना दी। फायर स्टेशन हजरतगंज से एफएसओ राम कुमार रावत टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। काफी देर तक खोजबीन की गई, मगर बच्चा नहीं मिला। मदद के लिए एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। वीर के आगे बहने की आशंका के चलते दोनों टीमें डीजीपी आवास के पास से गुजर रहे नाले पर पहुंचीं। यहां भी देर रात तक रेस्क्यू कार्य चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब सुबह उसका शव बरामद हुआ है।