राजाजीपुरम। ठाकुरगंज स्थित कुड़िया घाट के पास नदी में मंगलवार सुबह कपड़ा कारोबारी अर्शी (50) का शव उतराता मिला। वह छह अगस्त से लापता थे। आरोप है कि पुलिस से शिकायत पर भी गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई थी।
ठाकुरगंज पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर फोटो प्रसारित की गई। फोटो देखकर परिजनों ने शव की पहचान की और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शिनाख्त की। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़-गल गया था।
मूलरूप से बाजारखाला के नादान महल रोड, टिकैतगंज निवासी अर्शी करीब डेढ़ साल पहले पैतृक घर बेचकर पत्नी और दो बेटियों के साथ चौक के नक्खास इलाके में रह रहे थे। भाई राजू ने बताया कि अर्शी की हैदरगंज तिराहे पर रेडीमेड गारमेंट की दुकान थी। वह छह अगस्त की शाम बिना बताए घर से कहीं चले गए थे। काफी तलाश के बावजूद न मिलने पर सात अगस्त को उन्होंने चौक की नक्खास चौकी पर गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने परिजनों को गुमशुदगी दर्ज करने का आश्वासन दिया और तलाश जारी रखने को कहा था। आखिरी बार उन्हे छह अगस्त को नक्खास में देखा गया था।
कर्ज की वजह से रहते थे परेशान
भाई राजू ने बताया कि दुकान में घाटा होने के कारण अर्शी पर काफी कर्ज हो गया था। पैतृक घर बेचकर कर्ज चुकाया गया था। इसके बावजूद कुछ देनदारी बाकी रह गई थी। इससे अर्शी परेशान रहते थे। आशंका है कि उन्होंने कर्ज से परेशान होकर नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि परिजनों ने न तो कोई तहरीर दी है और न ही किसी पर कोई आरोप लगाया है।