मोहनलालगंज। बिजनौर इलाके से तीन दिन से लापता मजदूर का शव शुक्रवार रात मोहनलालगंज के बिंदौआ गांव में पड़ा मिला। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मोहनलालगंज पुलिस को तहरीर दी है।
नगराम के गड़रियन खेड़ा निवासी मजदूर धर्मेंद्र रावत (25) मंगलवार सुबह मजदूरी करने के लिए बाइक से बिजनौर गए थे। देर रात तक धर्मेंद्र घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की मगर उनका कुछ पता नहीं चला। उनके भाई दिलीप ने बुधवार को बिजनौर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शुक्रवार देर शाम धर्मेंद्र का शव मोहनलालगंज में बिंदौआ गांव के पास एक प्लाॅट में पड़ा मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया में फोटो वायरल की तो शनिवार को धर्मेंद्र के परिजनों ने पहचान की। परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव देखकर शिनाख्त की। दिलीप ने धर्मेंद्र के एक साथी पर हत्या का आरोप लगाते हुए मोहनलालगंज थाने में तहरीर दी है।
इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह पता चल सकेगी और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। धर्मेंद्र के परिवार में पत्नी सीमा और दो बच्चे हैं।
धर्मेंद्र की बाइक डिघारी गांव में रहने वाले उसके एक साथी के घर में खड़ी मिली। पुलिस ने बाइक को कब्जे में ले लिया है। उक्त साथी पर ही हत्या का आरोप भी लगा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
शव की शिनाख्त करने के बाद धर्मेंद्र के परिजन जब मोहनलालगंज थाने पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी तो वहां मौजूद दो दरोगा भड़क गए और मृतक के भाई कुलदीप को ही बैठा लिया। उन लोगों ने तहरीर बदलकर देने की बात कही, पर परिवार के लोगों ने पुलिस से नाराजगी जताई और हत्या की धारा में ही केस दर्ज करने को लेकर अड़ गए। बाद में पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर उनकी तहरीर ले ली।