लखनऊ। पेशी के बाद कचहरी से लौटते समय बुधवार को संदिग्ध हालात में लापता किसान का शव शुक्रवार को छोटी नहर में उतराता मिला। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए नगराम थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कही है।
नगराम के हसनपुर गांव निवासी किसान मलखान सिंह (50) की गांव के ही विजय प्रकाश से भूमि विवाद को लेकर मुकदमेबाजी चल रही है। बुधवार को मलखान पेशी पर गए थे। पेशी के बाद कचहरी से लौटते समय उन्होंने बेटे कुणाल को फोन कर बताया कि वह निगोहां के मीरखनगर मोड़ पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कुणाल से वहां बाइक से आकर ले जाने को कहा। एक घंटे बाद कुणाल वहां पहुंचा तो मलखान नहीं मिले। मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पाया।
काफी तलाशने के बाद भी मलखान का कुछ पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार को परिजन नगराम थाने पहुंचे। वहां से उन्हें निगोहां थाने भेज दिया गया। आरोप है कि दोनों थानों की पुलिस गुमशुदगी दर्ज करने में आनाकानी करने लगी। सीमा विवाद के बाद निगोहां पुलिस ने मलखान सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की।
शुक्रवार दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने गांव के पास से गुजरी छोटी नहर में मलखान का शव उतराता देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मलखान सिंह के परिवार में पत्नी मंजू , पुत्र कुणाल, पुत्री अंजली और बुजुर्ग पिता दुर्गा प्रसाद हैं।
मलखान सिंह का शव मिलने पर परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे एसीपी मोहनलालगंज राधा रमण सिंह ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। नगराम थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।