रेस्क्यू टीम ने बताया कि सोनार सिस्टम के जरिए नदी की गहराइयों में तलाश की जा रही है। यह सिस्टम सेंसर कैमरे की तरह काम करता है, जिसे पानी के भीतर डालकर लैपटॉप से मॉनिटर किया जाता है। इस अभियान में 11वीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) वाराणसी की टीम शामिल है, जिसका नेतृत्व उप-कमांडेंट प्रेम कुमार पासवान कर रहे हैं। उनके साथ निरीक्षक सभाजीत यादव और उप-निरीक्षक कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे।
स्थानीय गोताखोरों को शामिल करने की मांगी है अनुमति
एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल ने बताया कि चौथे दिन भी लापता 8 लोगों का पता नहीं चल सका है। कौड़ियाला पहाड़ी नदी है, ऐसे में स्थानीय गोताखोर नदी की भौगोलिक दशा के बारे में पूरी तरह परिचित हैं। स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। कोशिश है रविवार सुबह से उन्हें भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ लगाया जाए। लेकिन रेस्क्यू अभियान नदी के बहाव पर भी निर्भर करेगा।