लखनऊ। बांसकार, धरकार, बांसफोर और बसोर समाज के सामाजिक व आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार बोर्ड के गठन पर विचार करेगी। साथ ही बांस की खेती के लिए भूमि पट्टे पर उपलब्ध कराने और बांस से बने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी मंथन होगा। यह बात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित बांसकार समाज, धरकार, बांसफोर एवं बसोर समाज के महासम्मेलन में कही।
उन्होंने कहा कि बांस की खेती पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी है। इससे प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कई उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। सरकार खेती को प्रोत्साहित करने के साथ उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था पर विचार करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगवान वेन के श्रद्धेय चित्र पर पुष्प अर्पित कर हुई। मौर्य ने कहा कि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे या भ्रष्टाचार करे तो इसकी शिकायत सीधे सात, कालिदास मार्ग पर की जा सकती है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, असम राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोर, बांस शिल्प कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम पिरोनिया, डॉ. आंबेडकर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार सरोज और ट्रस्ट के मंत्री अमरनाथ प्रजापति समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बांस की टोपी पहने दोनो डिप्टी सीएम।
बांस की टोपी पहने दोनो डिप्टी सीएम।
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