रायबरेली। दीनशाह गौरा ब्लॉक के अधिकारी कर्मचारी पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए गंभीर नहीं है। इसकी सच्चाई देखनी है, तो ब्लॉक परिसर में कड़ी धूप में रखे पौधों को देखकर लगाया जा सकता है। इनके लिए पानी तक नसीब नहीं हो हुआ। खुले में रखे पौधों की पत्तियां मवेशी खा गए। यही नहीं ग्राम पंचायतों में जो पौधे लगवाए गए हैं, उसमें भी आधे से ज्यादा पौधे पानी के अभाव में सूख गए।
ब्लॉक क्षेत्र की 43 ग्राम पंचायतों में 91 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य था। 22 जुलाई को 78 हजार पौधे रोपित किए गए। शेष पौधे ब्लॉक परिसर में रखवा दिए गए। इसमें ज्यादातर पौधों को मवेशी खा गए, जो बचे पौधे हैं, वह पानी के अभाव में सूख रहे हैं। यही नहीं ग्राम पंचायतों में जो पौधे लगवाए गए हैं, उसमें भी अधिकांश पौधे सूख गए। पौधरोपण के बाद बारिश नहीं हुई। सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए, न ही पौधों में पानी डलवाया गया है। ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारी अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए भले ही पौधरोपण कराया, लेकिन देखरेख के कोई इंतजाम नहीं किए गए। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर पर्यावरण को हराभरा बनाने के लिए कितना फिक्रमंद है। खंड विकास अधिकारी अशोक सचान ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 78 हजार पौधे लगवाए गए है। शेष पौधे 15 अगस्त तक रोपित कराए जाएंगे। ब्लॉक परिसर में पेड़ की छांव में पौधे रखवाए गए हैं। पानी डलवाया जाता, ताकि पौधे सूखने न पाएं।