परीक्षा कार्यालय में पड़े परीक्षकों के नियुक्ति पत्र
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पहले ही बोर्ड की खामी व बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई है। गुरुवार से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य में बोर्ड ने लापरवाही की हद पार करते हुए चार दृष्टिबाधित शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है।
यही नहीं कई शिक्षकों को अयोग्य विषयों की कॉपियां जांचने में लगा दिया है। बोर्ड के साथ वित्तविहीन स्कूल भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बुधवार तक 350 विद्यालयों ने परीक्षकों के नियुक्ति पत्र नहीं उठाए।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार से चार केंद्रों पर शुरू हो रहा है। बोर्ड ने परीक्षकों की नियुक्ति में जमकर गड़बड़ी की है। जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाता ही नहीं उसे उस विषय की कॉपी जांचने के लिए नियुक्त कर दिया गया है।
यही नहीं बोर्ड ने चार दृष्टिबाधित शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र भेज दिए हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा में दृष्टिबाधित छात्र बैठते हैं, लेकिन उनकी कॉपी लिखने के लिए राइटर मुहैया कराए जाने की व्यवस्था है। कॉपी नॉर्मल शिक्षकों द्वारा ही जंचवाई जाती है।
इसके अलावा मोहान रोड स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता सिंह ने बताया कि उनकी यहां की एक शिक्षिका का स्थानांतरण हो चुका है, बोर्ड ने उनका भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है।
तीन शिक्षिकाओं को उन विषयों की कॉपियां जांचने का नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, जिसे वे पढ़ाती ही नहीं हैं। बोर्ड की लापरवाही का आलम यह है कि विज्ञान के शिक्षक को उर्दू की कॉपी जांचने का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।