स्टिंग ऑपरेशन में काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हटाए गए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के निजी सचिवों के मामले में गठित एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। जांच में तीनों पर रिश्वत मांगने और काम कराने के आरोप सही पाए गए हैं। जांच टीम ने तीनों के खिलाफ कई धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया है। इनके ऑडियो व वीडियो की फोरेंसिक लैब में हुई जांच में भी आरोपों की पुष्टि हुई है।
दरअसल, एक निजी चैनल ने बीते साल 26 दिसंबर को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप, खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी का स्टिंग किया था।
निजी सचिवों ने काम कराने के बदले में घूस की मांग की थी। इस मामले में मुख्यमंत्री ने तीनों को निलंबित कर दिया था। आरोपियों के खिलाफ 28 दिसंबर को हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सीएम ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए थे। एसआईटी के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।