रायबरेली। श्रद्धालुओं को महाकुंभ का बेसब्री से इंतजार है। इसे लेकर तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पर जिले से गुजरे हाईवे पर सुरक्षा के उपाय तक नहीं किए गए हैं। खासकर चिह्नित ब्लैक स्पॉटों पर न सफेद पट्टी खींची गई है और न ही ब्रेकर व संकेतक बोर्ड की व्यवस्था की गई है। यह हाल तब है, जब रायबरेली ही नहीं, बल्कि सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, लखनऊ के लाखों लोगों का महाकुंभ के लिए प्रयागराज आना-जाना होता है।
पुलिस विभाग की तरफ से जिले में 44 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इसमें 36 नेशनल हाईवे, चार स्टेट हाईवे और चार अन्य मार्गों पर ब्लैक स्पॉट हैं। नए साल पर महाकुंभ की शुरुआत होनी है। इसकी तैयारियां होने का दावा तो जिले में किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
इन ब्लैक स्पॉट पर न तो सफेद पट्टी, संकेतक बोर्ड, चेतावनी चिह्न आदि यातायात से जुड़े सुरक्षा के उपाय हाईवे पर नहीं दिख रहे हैं। यह हाल तब है, जब महाकुंभ के कुछ दिन ही शेष बचे हैं। सबसे ज्यादा आवागमन लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग, रायबरेली-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग रहेगा। यही नहीं हाईवे किनारे आड़े तिरछे वाहन खड़े रहते हैं। वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
क्या है ब्लैक स्पॉट
सड़क पर जिस जगह बार-बार हादसे होते हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। शासन स्तर पर किसी सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे पर एक ही जगह तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं। साथ ही सड़क के उस हिस्से पर तीन साल में 10 मौत हो जाएं तो उसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। हादसे के आसपास का 500 मीटर एरिया ब्लैक स्पॉट माना जाता है।
इन्हें चुना गया ब्लैक स्पॉट
सूची, उमरी, साहबगंज, बाबूगंज, अरखा, सवैया हसन, कस्बा ऊंचाहार, पथरकटा तिराहा मुंशीगंज, कुचरिया, भांव, रतापुर चौराहा, डिघिया, सारस तिराहा, त्रिपुला, कठवारा, प्यारेपुर, जमुनापुर, बीकरगढ़, राही, राजघाट, कस्बा हरचंदपुर समेत 44 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर यातायात नियमों को पालन करने के जो उपाय किए जाने चाहिए, वह अब तक नहीं हो पाए हैं।
हादसे के बाद भी नहीं ले रहे सबक
बछरावां। तीन पहले रायबरेली-लखनऊ हाईवे पर कुंदनगंज गांव के जोहवाशकी मोड़ पर सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से कार टकरा गई थी। हादसे में प्रयागराज निवासी विभूति, उनकी पत्नी कंचन शर्मा, बेटी जाशू, वाहन चालक आलोक सिंह की मौके मौत हो गई थी। वही मां माधुरी व बेटी काव्या को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था, जहां माधुरी ने दम तोड़ दिया था।
इस हादसे में एक मासूम समेत पांच लोगों की मौत मौत हुई थी। इस घटना के बाद भी सबक नहीं लिया गया। बछरवां क्षेत्र के संजय, अमित, रामआसरे कहते हैं कि महाकुंभ नजदीक आने के बाद भी ब्लैक स्पॉट पर कोई संकेतक चिह्न नहीं लगाए गए हैं। सफेद पट्टी तक नहीं लगाई गई है।
जल्द कराए जाएंगे इंतजाम
हाईवे चौड़ीकरण व बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। दिसंबर तक कार्य पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद हाईवे पर सफेद पट्टी, संकेतक चिह्न समेत अन्य यातायात सुरक्षा से जुड़े इंतजाम करा दिए जाएंगे।
- नवरतन दीप, पीडी, एनएचएआई
महाकुंभ को लेकर तैयारियां चल रही हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए यातायात सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी कराए जा रहे हैं। हाईवे पर सफेद पट्टी के साथ संकेतक चिह्न लगवाए जाएंगे।
- डॉ. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक