ऐसा लगता है कि भाजपा के रणनीतिकारों ने चुनावी तैयारियों पर चर्चा के लिए बुलाई जा रही प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मेरठ में करने का फैसला कर उस टीस को कम करने की कोशिश की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बैठक के जरिये भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके सरोकारों के ख्याल का संदेश देगी।
इसलिए भी मेरठ
खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर चुकी भाजपा सरकार ने गन्ना के परामर्शी मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी है। सभी जानते हैं कि गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत का मुख्य मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 जुलाई को शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने आ रहे हैं।
स्वाभाविक रूप से वह इस रैली में खरीफ फसलों के भावों में बढ़ोतरी के साथ गन्ना मूल्य में वृद्धि का जिक्र करके इन्हें चुनावी मुद्दा बनाएंगे। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति किसानों खासतौर से गन्ना किसानों के लिए किए गए इस फैसले के सहारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों को लामबंद करने की रणनीति का भी खाका खींचेगी।