हुसैनगंज कोतवाली में जौनपुर निवासी व उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य ऊषा मिश्रा ने रतन लाल शर्मा पर बंधक बनाकर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार का कहना है कि दोनों एक-दूसरे के पुराने परिचित हैं और उनके बीच लेन-देन का विवाद है। मामले की जांच की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि ऊषा मिश्रा वर्तमान में पति आनंद मिश्रा के साथ नवी मुंबई के ऐरोली सेक्टर तीन स्थित एक अपार्टमेंट में रहती हैं। आरोपी रतन लाल शर्मा जौनपुर में उनके पड़ोसी गांव का है और यहां मुरलीनगर के प्रीति अपार्टमेंट में फ्लैट संख्या दो में रहता है। ऊषा का आरोप है कि छह मई की दोपहर रतन लाल शर्मा उसे, मां रेखा मिश्रा व दो बच्चों के साथ जौनपुर से अपनी कार से लखनऊ लेकर आया और अपने फ्लैट में बंधक बना लिया।
उसने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य बनवाने में बहुत दौड़-भाग व मेहनत की है। इसके बदले अपना एक काम की सिफारिश करने का दबाव डाला। रतन लाल शर्मा का कहना था कि काम की सिफारिश करो या फिर 50 लाख रुपये दो। उसने ऊषा से कहा कि उसे तभी छोड़ा जाएगा जब वह दोनों में से एक शर्त मानने की बात लिखकर देगी। इस बीच रतन लाल शर्मा ने ऊषा के जेठ मुंबई निवासी मुकुंद मिश्रा को फोन कर उनसे भी 50 लाख रुपये देने को कहा।
रतनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि ऊषा अगर उसके काम की सिफारिश नहीं करेंगी तो जान से मरवा देंगे। आरोप है कि रतन लाल शर्मा ने उनसे कुछ सादे कागज व कुछ लिखे हुए कागजों पर दस्तखत भी कराए। उधर, जेठ ने ऊषा के बंधक होने की सूचना परिवारीजनों को दी। इसके बाद पुलिस तक जानकारी पहुंची। हालांकि, तब तक ऊषा किसी तरह मौका पाकर रतन लाल शर्मा के चंगुल से भाग निकली थीं। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामला लेन-देन का है और जांच की जा रही है।