हरियाणा में भाजपा की एक चुनावी सभा के मंच पर अमित शाह और यूपी के बाहुबली व दबंग नेता माने जाने वाली डीपी यादव के मिलन पर भाजपा उलझ गई है। भाजपा की तरफ से यह सफाई दी जा रही है कि यह मिलन सिर्फ संयोग भर था। इसकी न तो कोई सियासी वजह थी और न यूपी में कोई नए समीकरण बनने जा रहे हैं। बावजूद, इसके चर्चा व अटकलें थम नहीं रही हैं।
सफाई सिर्फ भाजपा की तरफ से ही नहीं बल्कि खुद डीपी यादव की तरफ से भी दी गई है। यादव ने कहा है कि हरियाणा में भाजपा के मंच पर जाने के पीछे कोई सियासी वजह नहीं है। हरियाणा की अंबाला सीट से भाजपा से चुनाव लड़ रहे असीम गोयल हमारे मित्र हैं। इसलिए गए थे। जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की बात है तो वे अच्छा काम कर रहे हैं। इसलिए तारीफ कर दी। भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं में दम नहीं है।
बावजूद इसके भाजपा के भीतर यह मिलन खलबली मचाए है। भाजपाई भले ही सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहे हैं, पर निजी बातचीत में मानते हैं कि इसके पीछे कोई न कोई सियासी वजह जरूर है।
यूपी में विधानसभा की 11 सीटों के उपचुनाव के जो नतीजे आए, उसके बाद भाजपा नेतृत्व समझ चुका है कि सिर्फ यूपी के भाजपा नेताओं के सहारे सूबे में सफलता संभव नहीं है। इसीलिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश में जुट गया है। यह मिलन भी उसी का हिस्सा है।